पर्दे के पीछे जीवन भर की कहानियां हैं’ इला अरुण शूलिनी लिटफेस्ट विकास स्वरूप ‘कहानियां जो लोगों को सोचने और महसूस करने पर मजबूर करती हैं’
शूलिनी विश्वविद्यालय परिसर में बौद्धिक रूप से उत्तेजक और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध कार्यक्रम हुआ, क्योंकि साहित्य, संगीत, रंगमंच और…