स्थानीय निकायों के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पदों के चुनाव में हो रही देरी को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इस संबंध में भाजपा नेताओं ने जिला मुख्यालय में प्रदर्शन कर उपायुक्त के माध्यम से सरकार को ज्ञापन सौंपा और शीघ्र चुनाव करवाने की मांग उठाई।
शिमला संसदीय क्षेत्र के सांसद सुरेश कश्यप ने आरोप लगाया कि पंचायत समिति, जिला परिषद, नगर परिषद और नगर पंचायतों के चुनाव हुए करीब एक माह बीत चुका है, लेकिन सरकार जानबूझकर अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव नहीं करवा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार चुने हुए प्रतिनिधियों को प्रभावित करने और जनमत को बदलने का प्रयास कर रही है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है।
सांसद ने आरोप लगाया कि भाजपा समर्थित उम्मीदवारों की जीत से घबराई सरकार निर्वाचित प्रतिनिधियों पर विभिन्न माध्यमों से दबाव बनाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने मांग की कि जनादेश का सम्मान करते हुए चुनाव प्रक्रिया को तुरंत पूरा किया जाए।
भाजपा जिला अध्यक्ष रतन सिंह पाल ने कहा कि जिन चुनावों का आयोजन पहले होना चाहिए था, उन्हें भी सरकार ने विलंब से करवाया और अब परिणाम आने के बाद भी अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष के चुनाव लंबित पड़े हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बाधित कर रही है और निर्वाचित प्रतिनिधियों को उनके अधिकारों से वंचित रखा जा रहा है।
भाजपा नेताओं ने सरकार को दो से तीन दिन का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि इस अवधि में चुनाव की तिथियों की घोषणा नहीं की गई तो पार्टी प्रदेशभर में व्यापक आंदोलन शुरू करेगी। इस दौरान भाजपा की प्रदेश उपाध्यक्ष रश्मिधर सूद, युवा मोर्चा के पदाधिकारी तथा सोलन मंडल के विभिन्न कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।