जातीय भेदभाव और राजनीतिक प्रतिशोध के आरोपों के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी सोलन ने सोमवार को धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुभाष बरमानी ने किया। इस दौरान सिटी कांग्रेस अध्यक्ष, पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष शिव कुमार, महिला कांग्रेस, लीगल सेल, सेवादल, पार्षदों, युवा कांग्रेस, एनएसयूआई और इंटक समेत कांग्रेस के विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
धरने को संबोधित करते हुए सुभाष बरमानी ने उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से जुड़ी घटना का उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि करीब 20 दिन पहले खड़गे एक रैली को संबोधित करने हल्द्वानी पहुंचे थे। रैली के बाद भाजपा और आरएसएस से जुड़े लोगों ने उस मंच पर गंगाजल छिड़ककर कथित तौर पर शुद्धिकरण किया। बरमानी ने आरोप लगाया कि ऐसा करने वालों ने मंच पर दलित नेता के आने को इसका कारण बताया।
बरमानी ने कहा कि इस घटना से आहत होकर मल्लिकार्जुन खड़गे ने संसद में अपनी पीड़ा व्यक्त की। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना को लेकर राहुल गांधी द्वारा टिप्पणी किए जाने के बाद उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दी गई। बरमानी ने कहा कि जिन लोगों ने कथित तौर पर खड़गे का अपमान किया, उनके खिलाफ एससी-एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई होनी चाहिए थी।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि भाजपा और आरएसएस की विचारधारा समाज को बांटने वाली है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस संविधान और सामाजिक एकता की विचारधारा के साथ खड़ी है। उन्होंने जनता से जात-पात की राजनीति का विरोध करने की अपील की।
बरमानी ने कहा कि देशभर में जिला स्तर पर कांग्रेस द्वारा इस मुद्दे को लेकर प्रदर्शन किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि राजनीतिक प्रतिशोध और कथित जातीय भेदभाव की घटनाएं जारी रहीं तो कांग्रेस आगे भी आंदोलन करेगी।
सोलन में जातीय भेदभाव और राजनीतिक प्रतिशोध के खिलाफ कांग्रेस का धरना, भाजपा पर बरसे सुभाष बरमानी