जिला स्वास्थ्य अधिकारी (डीएचओ) डॉ. अमित रंजन तलवार ने बताया कि सोलन जिले के सभी विकास खंडों के चिकित्सा अधिकारियों के लिए मानसिक स्वास्थ्य विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाना तथा चिकित्सकों को नवीन दिशा-निर्देशों और कानूनी प्रावधानों की जानकारी देना रहा।
प्रशिक्षण के दौरान मानसिक स्वास्थ्य देखभाल अधिनियम-2017 (मेंटल हेल्थ एक्ट-2017) के विभिन्न प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा की गई। चिकित्सा अधिकारियों को मानसिक रोगियों के अधिकारों, उपचार प्रक्रिया तथा गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के संबंध में आवश्यक जानकारी दी गई। इसके अलावा नशा मुक्ति प्रबंधन, मानसिक रोगों की समय पर पहचान और उपचार की रणनीतियों पर भी विशेषज्ञों ने मार्गदर्शन दिया।
कार्यशाला में आत्महत्या रोकथाम को लेकर विशेष सत्र आयोजित किया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि समय पर पहचान, उचित परामर्श और परिवार के सहयोग से आत्महत्या की घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है। साथ ही मानसिक बीमारियों को लेकर समाज में फैली भ्रांतियों और सामाजिक कलंक को दूर करने की आवश्यकता पर भी बल दिया गया।
डॉ. अमित रंजन तलवार ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य भी शारीरिक स्वास्थ्य जितना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने चिकित्सा अधिकारियों से लोगों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने और जरूरतमंद मरीजों को समय पर उचित उपचार एवं परामर्श उपलब्ध कराने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रमों से स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा और मानसिक रोगों से पीड़ित लोगों को बेहतर उपचार मिल सकेगा।
सोलन में मानसिक स्वास्थ्य पर चिकित्सकों का प्रशिक्षण, मानसिक रोगों के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर