जिले में बदलते मौसम ने किसानों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। बेमौसम बारिश और तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण तैयार फसलों की कटाई और उन्हें मंडी तक पहुंचाना मुश्किल हो गया है। गेहूं की फसल पूरी तरह पक चुकी है, लेकिन लगातार बारिश के चलते कटाई कार्य प्रभावित हो रहा है, जिससे नुकसान की आशंका बढ़ गई है।
स्थानीय किसान कल्पना ठाकुर ने बताया कि मौसम की अनिश्चितता के कारण खेतों में काम रुक-रुक कर चल रहा है। उन्होंने कहा कि तापमान में अचानक गिरावट से फसलों की गुणवत्ता पर असर पड़ सकता है।
लहसुन की फसल पर भी संकट मंडरा रहा है। किसानों के अनुसार, बारिश के कारण इसमें सड़न का खतरा बढ़ गया है, जिससे बाजार में उचित दाम नहीं मिल पा रहे। वर्तमान में लहसुन 50 से 90 रुपये प्रति किलो के बीच बिक रहा है, जो लागत के मुकाबले कम है। खराब मौसम के कारण मंडियों में आवक भी घट गई है।
इसके अलावा मटर की फसल तुड़ाई के लिए तैयार है, लेकिन इसके लिए सूखा मौसम जरूरी है। वहीं, टमाटर और अन्य सब्जियों की बुवाई भी प्रभावित हो रही है। किसानों का कहना है कि यदि मौसम जल्द साफ नहीं हुआ तो उत्पादन और आय दोनों पर असर पड़ेगा।