वर्ष 2023 की प्राकृतिक आपदा से प्रभावित पशुपालन विभाग अब पुनर्निर्माण और बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने की दिशा में तेजी से कार्य कर रहा है। प्रदेश सरकार द्वारा जिले को 1 करोड़ 60 लाख रुपये का बजट आवंटित किया गया है, जिससे विभिन्न परियोजनाओं पर काम जारी है। पशुपालन विभाग के उप-निदेशक डॉ. विवेक लांबा ने बताया कि इस राशि का उपयोग प्रमुख संस्थानों की मरम्मत और उन्नयन के लिए किया जा रहा है।
सोलन स्थित वेटरनरी पॉलीक्लीनिक में डंगों (रिटेनिंग वॉल) की मरम्मत और रखरखाव पर 12 लाख रुपये खर्च किए जा चुके हैं और यह कार्य पूर्ण हो चुका है। वहीं, कोटला नाला स्थित पोट्री एक्सटेंशन सेंटर में चूजों के पालन और बैकयार्ड पोल्ट्री योजना को बढ़ावा देने के लिए आधुनिक और क्लाइमेट-प्रूफ शेड्स का निर्माण किया जा रहा है। इन शेड्स से मौसम के अनुसार अनुकूल वातावरण उपलब्ध होगा। इसके अलावा, यहां ड्रेनेज सिस्टम को बेहतर बनाने और जर्जर भवनों के पुनरुद्धार का कार्य भी प्रगति पर है।
चायल में पशु चिकित्सालय के नए भवन के निर्माण के लिए 48 लाख रुपये निर्धारित किए गए हैं। इस परियोजना का कार्य एचपीएसआईडीसी द्वारा किया जा रहा है और अब तक लगभग 50 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है।
डॉ. लांबा के अनुसार, विभाग का लक्ष्य सभी निर्माण कार्यों को तय समयसीमा के भीतर पूरा करना है, ताकि आपदा राहत के तहत प्राप्त धनराशि का पूर्ण उपयोग सुनिश्चित हो सके। इन परियोजनाओं के पूरा होने से पशुपालकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और विभागीय सेवाओं की गुणवत्ता में भी उल्लेखनीय सुधार आएगा।