जिले में नेशनल हाईवे पर घूम रहे आवारा पशुओं के कारण बढ़ रहे सड़क हादसों को रोकने के लिए प्रशासन ने विशेष अभियान शुरू किया है। पशुपालन विभाग के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. विवेक लांबा ने बताया कि उपायुक्त के निर्देशों के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, पशुपालन विभाग, पुलिस और पंचायतों के संयुक्त सहयोग से हाईवे से आवारा पशुओं को हटाने की कार्रवाई तेज कर दी गई है। अभियान का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के साथ-साथ गौवंश की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
डॉ. विवेक लांबा ने बताया कि यह कार्रवाई सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप की जा रही है। एनएच अधिकारियों के साथ बैठक के बाद आवश्यक मशीनरी और मानव संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं। धर्मपुर के वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. भारत भूषण करकरा के नेतृत्व में कुमारहट्टी से परवाणू तक अभियान चलाया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि अभियान के पहले चरण में कड़ी मशक्कत के बाद चार गौवंश को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। व्यस्त फोरलेन पर वाहनों की आवाजाही के बीच पशुओं को पकड़ना चुनौतीपूर्ण रहा, क्योंकि पशु लगातार इधर-उधर भागते रहे, जिससे दुर्घटना का खतरा भी बना रहा। रेस्क्यू किए गए सभी पशुओं को सुरक्षित रूप से नालागढ़ स्थित गौशालाओं में भेज दिया गया है
डॉ. लांबा ने कहा कि आने वाले दिनों में यह अभियान लगातार जारी रहेगा और हाईवे पर घूमने वाले अन्य आवारा पशुओं को भी सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाएगा। उन्होंने लोगों से भी अपील की कि वे अपने पशुओं को खुले में न छोड़ें, ताकि सड़क दुर्घटनाओं को रोका जा सके और यात्रियों के साथ-साथ पशुओं की सुरक्षा भी सुनिश्चित हो सके।
बाइट: डॉ. विवेक लांबा, डिप्टी डायरेक्टर, पशुपालन विभाग, सोलन।
सोलन : नेशनल हाईवे पर आवारा पशुओं को हटाने के लिए विशेष अभियान, चार गौवंश किए रेस्क्यू