नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) की कार्यप्रणाली और देशभर में सामने आ रहे पेपर लीक मामलों के विरोध में शनिवार को एसएफआई ने सोलन डिग्री कॉलेज परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उनका पुतला फूंका। संगठन ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई।
एसएफआई जिला उपाध्यक्ष साहिल जिंटा ने कहा कि देश में लगातार पेपर लीक की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है। उनका आरोप है कि पिछले कुछ वर्षों में 90 से अधिक पेपर लीक हो चुके हैं, लेकिन सरकार जिम्मेदारी तय करने में विफल रही है। उन्होंने दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज की भी निंदा करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने वाले छात्रों के साथ ऐसा व्यवहार उचित नहीं है।
जिला सचिव रोहित वर्धान ने कहा कि नीट पेपर लीक प्रकरण ने देशभर के छात्रों का विश्वास परीक्षा प्रणाली से उठाया है। उन्होंने दावा किया कि पिछले पांच वर्षों में एनटीए से जुड़ी कई परीक्षाओं में अनियमितताओं के मामले सामने आए हैं। संगठन ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग भी उठाई।
एसएफआई नेताओं ने बताया कि उनकी 24 घंटे की सांकेतिक भूख हड़ताल दोपहर 12 बजे समाप्त हुई, जिसके बाद प्रदर्शन किया गया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार नहीं किए गए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं हुई, तो संगठन आगामी दिनों में चरणबद्ध आंदोलन, भूख हड़ताल और राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन करेगा।
बाइट: साहिल जिंटा, जिला उपाध्यक्ष, एसएफआई सोलन
बाइट: रोहित वर्धान, जिला सचिव, एसएफआई सोलन