जिला सोलन में महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से संचालित लखपति दीदी योजना प्रभावी परिणाम दे रही है। जिला विकास अधिकारी रमेश शर्मा ने बताया कि राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत जिले ने पिछले वर्ष का निर्धारित लक्ष्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है, जबकि इस वर्ष के लक्ष्य भी तेजी से पूरे किए जा रहे हैं। योजना के माध्यम से अनेक महिलाएं स्वरोजगार अपनाकर अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि कर रही हैं
उन्होंने बताया कि जिले की कई महिलाओं की वार्षिक आय अब 5 लाख से 10 लाख रुपये तक पहुंच चुकी है, जबकि कुछ महिलाएं इससे भी अधिक आय अर्जित कर रही हैं। विभाग का उद्देश्य महिलाओं को केवल एक लाख रुपये की आय तक सीमित न रखकर उन्हें सफल उद्यमी बनाना है, ताकि वे आर्थिक रूप से पूरी तरह सशक्त हो सकें।
रमेश शर्मा ने बताया कि महिलाओं को स्वरोजगार के लिए सस्ती ब्याज दरों पर ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से स्टार्टअप फंड, कम्युनिटी इन्वेस्टमेंट फंड और रिवॉल्विंग फंड जैसी योजनाओं के तहत 10 हजार से 50 हजार रुपये तक की त्वरित वित्तीय सहायता भी दी जाती है। बड़े स्तर पर व्यवसाय शुरू करने के लिए बैंकों के माध्यम से ऋण की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
उन्होंने कहा कि महिलाओं के कौशल विकास के लिए आरसेटी के माध्यम से निशुल्क प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। योजना के प्रति महिलाओं में लगातार उत्साह बढ़ रहा है, जिससे जिले में महिला उद्यमिता को नई दिशा मिल रही है और उनके जीवन स्तर में निरंतर सुधार देखने को मिल रहा है।
बाइट: रमेश शर्मा, जिला विकास अधिकारी, सोलन।