डीएसपी विजय रघुवंशी के कथित उत्पीड़न और भेदभाव के मामले को लेकर अखिल भारतीय कोली समाज तथा उनके परिजनों ने सोलन में मोर्चा खोल दिया है। समाज के प्रतिनिधियों और परिजनों ने जिला उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग की। इस दौरान डीएसपी के अंकल धर्मपाल और अखिल भारतीय कोली समाज के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य सुमित कोली ने मीडिया के समक्ष अपनी बात रखी।
धर्मपाल ने आरोप लगाया कि विजय रघुवंशी के तबादले के बाद वरिष्ठ अधिकारियों की ओर से उन्हें नए स्थान पर ज्वाइन न करने के लिए कथित तौर पर फोन और व्हाट्सएप के माध्यम से धमकाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि अन्य पुलिस अधिकारियों को भी उन्हें ड्यूटी ज्वाइन न करवाने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने बताया कि रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट और दर्द के कारण विजय रघुवंशी चलने-फिरने में असमर्थ थे। मेडिकल प्रमाणपत्र ऑनलाइन, व्हाट्सएप और ईमेल के माध्यम से भेजे जाने के बावजूद उनकी बीमारी को कथित तौर पर नजरअंदाज किया गया। परिजनों ने शिमला के एसपी गौरव सिंह और डीआईजी अशोक तिवारी पर सरकारी वाहन वापस लेने तथा वाहन हटाए जाने के बावजूद अगस्त तक वेतन से 750 रुपये प्रतिमाह की कटौती जारी रहने का आरोप लगाया।
परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि विजय रघुवंशी को झूठे मामलों में फंसाने और उनकी छवि खराब करने के प्रयास किए जा रहे हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
सुमित कोली ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से मामले में व्यक्तिगत संज्ञान लेकर निष्पक्ष जांच और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो कोली समाज धरना-प्रदर्शन करेगा और जरूरत पड़ने पर दिल्ली में भी आंदोलन किया जाएगा। BITE – सुमित कोली राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य अखिल भारतीय कोली समाज, धर्मपाल विजय के अंकल