सोलन। अखिल भारतीय आह्वान पर सोलन के पुराने बस स्टैंड पर सीआईटीयू, किसान सभा और एसएफआई के कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग और केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला जलाकर रोष जताया और चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।
सीआईटीयू के जिला अध्यक्ष राकेश कुमार ने कहा कि केंद्र सरकार ने वर्ष 2023 में चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया से संबंधित कानून में बदलाव किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि इन बदलावों के माध्यम से चुनाव आयुक्तों को कानूनी संरक्षण प्रदान किया गया। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2023 के बाद विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के तहत बड़ी संख्या में पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूचियों से हटाए गए हैं।
राकेश कुमार ने इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान अनियमितताएं हुईं और फॉरेंसिक मानकों में भी कथित तौर पर बदलाव किए गए। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखना लोकतंत्र की मजबूती के लिए आवश्यक है। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मतदाताओं के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि मुख्य चुनाव आयुक्त और एसआईआर प्रक्रिया से जुड़े मामलों की निष्पक्ष जांच करवाई जाए। साथ ही वर्ष 2023 के कानून में किए गए बदलावों की समीक्षा कर आवश्यक संशोधन किए जाएं, ताकि चुनाव आयोग की निष्पक्षता और विश्वसनीयता सुनिश्चित हो सके।
राकेश कुमार ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना नागरिकों का लोकतांत्रिक अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलनों को दबाने के प्रयास लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जनता की मांगों को अनदेखा किया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।