मंडी जिले के उपसेल छतरी निवासी बागवान धनीराम ठाकुर ने सोलन मंडी में सेब की बिक्री के दौरान इस वर्ष बागवानों के सामने आ रही चुनौतियों को साझा किया। उन्होंने बताया कि वह 50 पेटी सेब लेकर मंडी पहुंचे, जिनमें रॉयल, रेड गोल्डन और बी-ग्रेड सेब शामिल थे। मंडी में रॉयल सेब का भाव 2700 रुपये तथा रेड गोल्डन 1900 रुपये प्रति पेटी मिला। उन्होंने बताया कि ओलावृष्टि के कारण सेब पर दाग पड़ने से उन्हें अपेक्षित मूल्य नहीं मिल सका।
धनीराम ठाकुर ने कहा कि मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों के बागवानों को अक्सर कम दामों का सामना करना पड़ता है। लोअर बेल्ट का सेब पहले मंडियों में पहुंचने से बाजार भर जाता है, जिससे मिडिल बेल्ट के किसानों को उचित मूल्य नहीं मिल पाता। लगातार कम आमदनी के कारण किसान एंटी-हेल नेट लगाने और बागों के रखरखाव पर पर्याप्त खर्च नहीं कर पाते, जिससे नुकसान और बढ़ जाता है।
उन्होंने बताया कि उनके बगीचे में रेड ब्लॉक्स, किंग रोट, एडम स्पर, डार्क बैरन गाला, रेड लम गाला, रॉयल, रेड गोल्डन और सफेद गोल्डन जैसी किस्में लगी हैं। हालांकि कुछ नई किस्में अभी परीक्षण के दौर में हैं और सीमित उत्पादन दे रही हैं।
धनीराम ठाकुर ने बागवानों से अपील की कि वे बगीचों में एंटी-हेल नेट अवश्य लगाएं तथा सेब का रंग पूरी तरह विकसित होने के बाद ही तुड़ाई करें। उनका कहना है कि अच्छी गुणवत्ता और बेहतर रंग वाले सेब को बाजार में अधिक दाम मिलते हैं, जिससे किसानों की आय में सुधार हो सकता है।