श्रावण मास के पावन अवसर पर सोलन स्थित सनातन धर्म मंदिर में महारुद्राभिषेक का भव्य आयोजन किया जा रहा है। इस धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान शिव की पूजा-अर्चना और रुद्राभिषेक में भाग ले रहे हैं। मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य भरत शर्मा ने श्रद्धालुओं को श्रावण मास के धार्मिक महत्व की जानकारी देते हुए भगवान शिव की उपासना का संदेश दिया।
आचार्य भरत शर्मा ने बताया कि संक्रांति के अनुसार यह श्रावण का तृतीय तथा चंद्रमास के अनुसार प्रथम सोमवार है। उन्होंने कहा कि श्रावण मास में श्रद्धालुओं को नियमित रूप से “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करना चाहिए। साथ ही, जो श्रद्धालु सक्षम हैं, उन्हें महामृत्युंजय मंत्र का उच्चारण करते हुए भगवान शिव की आराधना करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि श्रावण के सोमवार को व्रत रखकर शिव मंदिर में पूजा, जलाभिषेक और सेवा करने से भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं तथा जीवन में सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
आचार्य भरत शर्मा ने विशेष रूप से युवाओं से सनातन धर्म से जुड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि जीवन जीने का मार्ग है। युवाओं को अपनी संस्कृति और धार्मिक मूल्यों को समझते हुए नियमित रूप से मंदिर आकर पूजा-अर्चना करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि विशेष रूप से सोमवार, मंगलवार और शुक्रवार को मंदिर में दर्शन एवं प्रार्थना करने से आत्मविश्वास बढ़ता है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से श्रावण मास को श्रद्धा, भक्ति और सेवा भाव के साथ मनाने की अपील की।
सोलन : महारुद्राभिषेक में उमड़े श्रद्धालु, आचार्य भरत शर्मा ने युवाओं से सनातन से जुड़ने का किया आह्वान