जिले की स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) से जुड़ी महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। जिला विकास अधिकारी (डीडीओ) रमेश कुमार शर्मा ने बताया कि सोलन जिले में करीब 2,350 स्वयं सहायता समूह सक्रिय हैं, जिनसे लगभग 20 हजार महिलाएं प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से जुड़ी हुई हैं। इनके संचालन के लिए 219 ग्राम संगठन तथा 18 क्लस्टर लेवल फेडरेशन गठित किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि महिलाओं को स्वरोजगार के लिए स्टार्टअप फंड, रिवॉल्विंग फंड और कम्युनिटी इन्वेस्टमेंट फंड के माध्यम से वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। इसके अलावा बैंकों के जरिए आसान ऋण सुविधा और उत्पादों की पैकेजिंग, लेबलिंग तथा मार्केटिंग का निःशुल्क प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।
रमेश कुमार शर्मा ने बताया कि प्रदेश सरकार की योजना के तहत प्रत्येक विकास खंड में ‘हिमईरा’ शॉप स्थापित की जा रही है। नालागढ़, कुणिहार और कंडाघाट में यह पहल पहले से संचालित है, जबकि सोलन की सब्जी मंडी में नई हिमईरा शॉप बनकर तैयार हो चुकी है। इसका संचालन क्लस्टर लेवल फेडरेशन करेगा और इसका उद्घाटन जल्द ही स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री कर्नल धनी राम शांडिल करेंगे।
उन्होंने बताया कि इस दुकान में स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार जैम, स्क्वैश, शहद, अचार, मसाले, हर्बल उत्पाद, हस्तशिल्प और हैंडलूम सामग्री उपलब्ध होगी। साथ ही पर्यटकों और स्थानीय लोगों को सिड्डू, पटांडे, पुड़े, सरसों का साग, मक्की की रोटी और हिमाचली धाम जैसे पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद भी मिलेगा। उन्होंने कहा कि इस पहल से महिलाओं को स्थायी बाजार उपलब्ध होगा और उनकी आय में वृद्धि होगी।
सोलन में जल्द खुलेगी ‘हिमईरा’ शॉप, स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को मिलेगा बड़ा बाजार