जिला स्वास्थ्य विभाग ने स्क्रब टाइफस को लेकर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अमित रंजन तलवार ने बताया कि जुलाई माह में जिले में अब तक स्क्रब टाइफस के चार मामले सामने आए हैं। इनमें दो मरीज नालागढ़ और दो सोलन क्षेत्र से हैं। राहत की बात यह है कि सभी मरीजों की हालत में सुधार हो रहा है।
डॉ. तलवार ने बताया कि स्क्रब टाइफस एक बैक्टीरियल संक्रमण है, जो ‘माइट’ (चिगर) के काटने से फैलता है। इसके लक्षण डेंगू और मलेरिया से मिलते-जुलते हैं। मरीज को तेज बुखार, सिरदर्द और शरीर में दर्द की शिकायत हो सकती है। यदि समय पर उपचार न मिले तो संक्रमण गंभीर होकर शरीर के कई अंगों को प्रभावित कर सकता है।
उन्होंने बताया कि शुरुआती अवस्था में डॉक्सीसाइक्लिन या एजीथ्रोमाइसिन जैसी दवाओं से इलाज शुरू करने पर बीमारी पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है। इसी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने जिले के सभी पीएचसी और सीएचसी में चिकित्सकों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। डॉक्टरों को लक्षण मिलने पर रिपोर्ट का इंतजार किए बिना उपचार शुरू करने की सलाह दी गई है।
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से खेतों या घास वाले क्षेत्रों में काम करते समय पूरी बाजू के कपड़े पहनने, घर लौटने के बाद स्नान करने तथा बुखार या अन्य लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराने की अपील की है। विभाग ने कहा कि समय पर जांच और उपचार से इस बीमारी से आसानी से बचाव किया जा सकता है।