सोलन। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) की सोलन जिला कमेटी ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर विरोध जताते हुए सहायक आयुक्त (एसी टू डीसी) के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा। पार्टी के जिला कमेटी सदस्य राकेश कुमार ने कहा कि मतदाता सूची में बदलाव की प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से होनी चाहिए।
सीपीआईएम ने आरोप लगाया कि एसआईआर के तहत बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम प्रारंभिक सूचियों से हटाए गए हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एसआईआर के दौरान 13.37 करोड़ नाम प्रारंभिक मतदाता सूचियों से हटाए गए थे। हालांकि निर्वाचन आयोग के अनुसार एसआईआर का उद्देश्य पात्र मतदाताओं को सूची से बाहर होने से रोकना और अपात्र नामों को हटाना है।
राकेश कुमार ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि पिछले दस महीनों में दो चुनाव आयुक्तों ने आयोग के कुछ निर्णयों पर कम से कम 14 बार आपत्ति दर्ज की।
उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने और एसआईआर प्रक्रिया की जांच की मांग की। साथ ही चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया में बदलाव को लेकर भी पार्टी ने आपत्ति जताई।
सीपीआईएम नेताओं ने कहा कि मतदाता सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया में पात्र नागरिकों के अधिकार सुरक्षित रहना जरूरी है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो पार्टी आंदोलन को और तेज करेगी। निर्वाचन आयोग ने एसआईआर को कानून के तहत संचालित प्रक्रिया बताते हुए पात्र नागरिकों के नाम सुनिश्चित करने को इसका उद्देश्य बताया है।