सोलन: जिला सोलन में पशुओं के स्वास्थ्य संरक्षण और आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या पर नियंत्रण के लिए पशुपालन विभाग द्वारा चलाए जा रहे अभियान लगातार गति पकड़ रहे हैं। विभाग की ओर से एनिमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) कार्यक्रम और मुंह खुर रोग (एफएमडी) टीकाकरण अभियान को व्यापक स्तर पर संचालित किया जा रहा है।
डिप्टी डायरेक्टर डॉ. विवेक लांबा ने बताया कि शहर में आवारा कुत्तों की नसबंदी का कार्य नियमित रूप से जारी है। उन्होंने कहा कि पिछले मंगलवार को जिले में 24 आवारा कुत्तों की नसबंदी की गई। इसके साथ ही अब तक जिले में कुल 551 कुत्तों की नसबंदी की जा चुकी है। विभाग का उद्देश्य वैज्ञानिक तरीके से आवारा कुत्तों की संख्या को नियंत्रित करना और लोगों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध करवाना है।
उन्होंने बताया कि पशुओं को खतरनाक बीमारियों से बचाने के लिए चलाया जा रहा मुंह खुर रोग (एफएमडी) टीकाकरण अभियान भी प्रभावी ढंग से आगे बढ़ रहा है। जिले में लगभग 1.5 लाख पशुओं को टीकाकरण के दायरे में लाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसमें से अब तक करीब 90 हजार पशुओं को टीके लगाए जा चुके हैं। इस प्रकार अभियान का लगभग 60 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। विभागीय टीमें गांव-गांव और घर-घर जाकर पशुपालकों के पशुओं का टीकाकरण कर रही हैं, ताकि कोई भी पशु इस सुरक्षा अभियान से वंचित न रहे।
डॉ. विवेक लांबा ने बताया कि अभियान में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए आधुनिक डिजिटल प्रणाली का उपयोग किया जा रहा है। टीकाकरण की प्रत्येक एंट्री ‘भारत पशुधन पोर्टल’ पर ऑनलाइन दर्ज की जा रही है, जिसकी निगरानी देशभर में कहीं से भी की जा सकती है। टीकाकरण की पुष्टि के लिए पशुपालक के मोबाइल पर ओटीपी भी भेजा जा रहा है। विभाग का मानना है कि इस डिजिटल व्यवस्था से अभियान की सटीकता और विश्वसनीयता सुनिश्चित हो रही है।
सोलन में पशु स्वास्थ्य अभियान तेज, 551 आवारा कुत्तों की नसबंदी; 90 हजार पशुओं का हुआ टीकाकरण