सोलन क्षेत्र में टमाटर का मौजूदा सीजन किसानों के लिए निराशाजनक रहा है। सीजन समाप्ति की ओर पहुंचने के बावजूद टमाटर के दाम में अपेक्षित सुधार नहीं हो पाया, जिससे किसानों को उत्पादन लागत निकालना भी मुश्किल हो गया है। ढोड़ (धरोट) पंचायत के पूर्व प्रधान एवं किसान अमर सिंह ठाकुर ने बताया कि इस पूरे सीजन में किसानों को फसल के उचित दाम नहीं मिल पाए।
अमर सिंह ठाकुर के अनुसार, इस बार सोलन में टमाटर के भाव करीब 100 से 400 रुपये प्रति क्रेट के दायरे में ही सीमित रहे। सीजन की शुरुआत में टमाटर की स्थिति कुछ बेहतर रही थी, लेकिन बाद में बाजार में अपेक्षित तेजी नहीं आई। उन्होंने कहा कि आमतौर पर छोटी जोत वाले किसानों को सीजन के दौरान कुछ समय के लिए अच्छे भाव मिलने की उम्मीद रहती है, जिससे पूरे सीजन का खर्च कुछ हद तक पूरा हो जाता है। इस बार किसानों को ऐसा अवसर भी नहीं मिल पाया।
उन्होंने बताया कि टमाटर के साथ-साथ अन्य नकदी फसलों की स्थिति भी संतोषजनक नहीं रही। शिमला मिर्च के दामों ने भी किसानों को राहत नहीं दी। वहीं, मंडियों में बीन्स करीब 30 से 32 रुपये प्रति किलो के भाव पर बिक रही है। किसानों का कहना है कि खेत से मंडी तक फसल पहुंचाने में ही परिवहन, पैकिंग और अन्य खर्च जुड़ जाते हैं। ऐसे में कम भाव मिलने के कारण किसानों के लिए फसल की लागत निकालना कठिन हो रहा है।
अमर सिंह ठाकुर ने कहा कि बढ़ती कृषि लागत, मजदूरी, खाद, दवाइयों और परिवहन खर्च के बीच फसलों के कम दाम किसानों की परेशानी बढ़ा रहे हैं। सीजन समाप्त होने के कगार पर पहुंचने के बावजूद बाजार में सुधार नहीं होने से सोलन क्षेत्र के किसान मायूस हैं। किसानों को उम्मीद थी कि सीजन के दौरान किसी समय बेहतर भाव मिलेंगे, लेकिन लगातार कमजोर बाजार ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया।