सोलन। सर्वाइकल कैंसर से किशोरियों और महिलाओं को बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से एचपीवी टीकाकरण को लेकर जागरूकता बढ़ाई जा रही है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. अजय पाठक ने बताया कि सोलन जिले में लगभग 5,000 बच्चियों को यह वैक्सीन लगाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें से अब तक करीब 1,600 बच्चियों का टीकाकरण किया जा चुका है।
डॉ. पाठक ने बताया कि सर्वाइकल कैंसर के 99 प्रतिशत से अधिक मामले ह्यूमन पेपिलोमा वायरस (एचपीवी) संक्रमण से जुड़े होते हैं। इस बीमारी से बचाव के लिए 14 से 15 वर्ष की किशोरियों को गार्डासिल-4 वैक्सीन लगाई जा रही है। निजी क्षेत्र में इस वैक्सीन की कीमत लगभग 10,000 से 11,000 रुपये बताई जाती है।
उन्होंने कहा कि शुरुआत में वैक्सीन को लेकर अभिभावकों के मन में कई तरह की आशंकाएं थीं। कुछ लोग इसके दुष्प्रभावों और बांझपन की संभावना को लेकर चिंतित थे, लेकिन जागरूकता बढ़ने के साथ लोगों की हिचकिचाहट कम हो रही है। उन्होंने बताया कि एचपीवी वैक्सीन की सुरक्षा और प्रभावशीलता को लेकर व्यापक वैज्ञानिक अध्ययन किए गए हैं। हालांकि, अन्य टीकों की तरह इसके भी कुछ सामान्य दुष्प्रभाव हो सकते हैं।
सीएमओ ने बताया कि भारत में सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में होने वाले प्रमुख कैंसरों में शामिल है। हिमाचल प्रदेश सहित कुछ क्षेत्रों में इसका अधिक बोझ देखा जाता है, इसलिए समय पर बचाव और जागरूकता बेहद जरूरी है।
अभिभावकों का विश्वास बढ़ाने के लिए डॉ. पाठक ने बताया कि उनके परिवार की बच्चियों के साथ कई महिला डॉक्टरों और सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों ने भी यह वैक्सीन लगवाई है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे स्वास्थ्य विभाग से सही जानकारी प्राप्त करें और अपनी बेटियों के टीकाकरण के संबंध में चिकित्सकीय सलाह लेकर उचित निर्णय लें।