सोलन। शहर में पेयजल संकट और पानी के बिलों को लेकर लोगों की परेशानी बढ़ती जा रही है। स्थानीय निवासी एवं व्यापारी विजय दुग्गल ने नगर निगम और जल विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब लोगों को पर्याप्त पानी ही उपलब्ध नहीं करवाया जा रहा है, तो भारी भरकम बिल वसूलना कहां तक उचित है। विजय दुग्गल ने बताया कि अप्रैल से जुलाई तक चार महीनों के दौरान उनके घर में केवल 17 दिन ही पानी की आपूर्ति हुई, जबकि विभाग की ओर से उन्हें 7,300 रुपये का बिल भेज दिया गया। उन्होंने कहा कि उनके घर में कोई निर्माण कार्य नहीं चल रहा है और परिवार में केवल चार सदस्य हैं। ऐसे में सीमित जलापूर्ति के बावजूद इतना अधिक बिल आना समझ से परे है। उन्होंने बताया कि पानी की कमी और बिल में गड़बड़ी को लेकर उन्होंने लिखित शिकायत भी दर्ज करवाई, लेकिन अब तक उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ है। दुग्गल के अनुसार, शहर के लोग पिछले आठ से नौ महीनों से पेयजल संकट का सामना कर रहे हैं। कई क्षेत्रों में छह से आठ दिन के अंतराल पर पानी की आपूर्ति होने से लोगों को रोजमर्रा के काम निपटाने में परेशानी हो रही है। विजय दुग्गल ने कहा कि जल स्रोतों के इंटेक और मुख्य जलाशयों में उपलब्ध पानी की स्थिति को देखते हुए जलापूर्ति व्यवस्था की समीक्षा की जानी चाहिए। उन्होंने विभाग से नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने और बिलिंग व्यवस्था में पारदर्शिता लाने की मांग की। उन्होंने राजनीतिक दलों और जनप्रतिनिधियों से भी अपील की कि वे आरोप-प्रत्यारोप के बजाय शहर की बुनियादी समस्याओं के समाधान पर ध्यान दें। उन्होंने कहा कि पेयजल जैसी आवश्यक सुविधा को लेकर लोगों को लगातार परेशान नहीं होना चाहिए। संबंधित विभाग को शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए उपभोक्ताओं को राहत प्रदान करनी चाहिए।