हिमाचल प्रदेश के प्रमुख शहर सोलन में पार्किंग की समस्या अब विकराल रूप धारण कर चुकी है। शहर में वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था न होने के कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय निवासियों और व्यापारियों का कहना है कि मजबूरी में उन्हें अपनी गाड़ियां सड़कों और गलियों में खड़ी करनी पड़ती हैं, जिसके बाद पुलिस द्वारा चालान काट दिए जाते हैं। कई लोगों ने आरोप लगाया कि प्रशासन जनता को पार्किंग सुविधा देने में विफल रहा है, जबकि चालान वसूली में पूरी सख्ती दिखाई जा रही है। एक स्थानीय नागरिक ने बताया कि पार्किंग की उचित व्यवस्था न होने के कारण उसे तीन हजार रुपये तक का चालान भुगतना पड़ा।
पार्किंग संकट का असर शहर के व्यापार और आम जनजीवन पर भी साफ दिखाई दे रहा है। दुकानों के बाहर और सड़कों के किनारे खड़े वाहनों के कारण पैदल चलने वालों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, वहीं प्रमुख बैंकों और व्यावसायिक संस्थानों के आसपास पार्किंग हमेशा भरी रहने से लोगों की परेशानी और बढ़ जाती है। शहरवासियों ने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि नई और आधुनिक पार्किंग सुविधाएं विकसित की जाएं तथा भवनों के नक्शे पास करते समय पार्किंग को अनिवार्य बनाया जाए। लोगों का कहना है कि अब केवल आश्वासनों से काम नहीं चलेगा, बल्कि सोलन को पार्किंग संकट से उबारने के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाने होंगे।