जिले में लंपी स्किन डिजीज के बढ़ते मामलों को देखते हुए पशुपालन विभाग की ओर से चलाया गया सघन टीकाकरण अभियान पूरा हो गया है। विभाग ने जिले में 90,900 पशुओं को लंपी स्किन डिजीज से बचाव की वैक्सीन लगाने का लक्ष्य पूरा कर लिया है। पशुपालन विभाग के उप निदेशक डॉ. विवेक लांबा ने बताया कि बीमारी के शुरुआती मामले अगस्त के पहले सप्ताह में सामने आए थे, जिसके बाद 14 अगस्त से सघन टीकाकरण अभियान शुरू किया गया था।
उन्होंने बताया कि विभाग की ओर से मंगवाई गई 90,900 वैक्सीन डोज का टीकाकरण कार्य इस माह की 14 तारीख को पूरा कर लिया गया। जिले के सभी बड़े दुधारू पशुओं को वैक्सीन लगाई जा चुकी है। अभियान की शुरुआत नालागढ़ क्षेत्र से की गई थी।
डॉ. लांबा के अनुसार पिछले एक माह के दौरान जिले में करीब 550 से 600 पशु लंपी स्किन डिजीज से प्रभावित हुए। इनमें से अधिकांश पशु उपचार के बाद स्वस्थ हो चुके हैं। बीमारी के कारण जिले में 17 पशुओं की मृत्यु दर्ज की गई है। इनमें सबसे अधिक मामले अर्की और कुनिहार क्षेत्र में सामने आए। अर्की क्षेत्र में कुल 11 पशुओं की मौत हुई, जिनमें आठ मौतें कुनिहार क्षेत्र में दर्ज की गईं। इसके अलावा धर्मपुर, बरोटीवाला और गढ़ क्षेत्रों में भी बीमारी के मामले सामने आए।
उन्होंने बताया कि वैक्सीन लगने के बाद पशुओं में रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित होने में करीब 14 दिन का समय लगता है। ऐसे में जिन पशुओं को पिछले 15 दिनों के दौरान टीका लगाया गया है, उनमें वैक्सीन का पूर्ण प्रभाव आने में अभी समय लगेगा।
विभाग के अनुसार टीकाकरण के बाद संक्रमित होने वाले पशुओं में बीमारी का प्रभाव अपेक्षाकृत कम देखा गया है। डॉ. लांबा ने बताया कि मौसमी बदलाव के कारण इस वर्ष बीमारी का प्रसार अधिक रहा। अब जिले में टीकाकरण पूरा होने के बाद पशुओं में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ने से बीमारी के प्रभाव में कमी आने की उम्मीद है।