सोलन। सर्दियों का मौसम शुरू होते ही जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द, अकड़न और खिंचाव की समस्या बढ़ने लगती है। खासकर पुराने दर्द से परेशान लोगों और शारीरिक गतिविधियां कम करने वालों को इस मौसम में अधिक सावधानी बरतने की जरूरत होती है। अचानक किए गए शारीरिक मूवमेंट से नसों और मांसपेशियों में चोट का खतरा भी बढ़ सकता है।
फिजियोथेरेपिस्ट एवं हाइड्रोथेरेपिस्ट डॉ. कुशल तिवारी ने सर्दियों में जोड़ों की सेहत और शरीर की मोबिलिटी बनाए रखने के लिए नियमित शारीरिक गतिविधि करने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि ठंड के कारण लोग शारीरिक गतिविधियां कम कर देते हैं और लंबे समय तक बिस्तर पर रहने से शरीर में अकड़न बढ़ सकती है। ऐसे में बिस्तर पर रहते हुए भी हल्के-फुल्के व्यायाम किए जा सकते हैं, जिससे रक्त संचार बेहतर बना रहता है।
डॉ. तिवारी के अनुसार बुजुर्गों, खिलाड़ियों और नियमित रूप से काम करने वाले लोगों को रोजाना रेंज ऑफ मोशन (आरओएम) व्यायाम करना चाहिए। इसमें गर्दन, कंधे, हिप और रीढ़ की हल्की रोटेशन एक्सरसाइज शामिल हैं। रीढ़ की मोबिलिटी के लिए ओपन बुक और नीडल एंड थ्रेड जैसे रोटेशन व्यायाम भी किए जा सकते हैं। नियमित अभ्यास से जोड़ों की गतिशीलता बनाए रखने और अकड़न कम करने में मदद मिल सकती है।
उन्होंने सर्दियों में शरीर को गर्म रखने पर भी जोर दिया। सुबह और शाम के समय तापमान कम होने पर पर्याप्त गर्म कपड़े पहनने के साथ धूप में बैठना लाभकारी हो सकता है। हीटर का इस्तेमाल करते समय अत्यधिक गर्मी से बचने और उचित दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है। आवश्यकता के अनुसार विशेषज्ञ की सलाह से डीप हीटिंग जैसी फिजियोथेरेपी प्रक्रियाएं भी अपनाई जा सकती हैं।
उन्होंने कहा कि अत्यधिक दर्द, चलने-फिरने में परेशानी या लगातार समस्या रहने पर ऑर्थोपेडिशियन और फिजियोथेरेपिस्ट से परामर्श लेना चाहिए।