सोलन। जिला परिषद सोलन की अध्यक्ष सुश्री शीला ने कहा कि युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति समाज के लिए चिंता का विषय है। नशे की समस्या से निपटने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए पंचायतों की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि पंचायतों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में नशा मुक्ति को लेकर लगातार जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि हाल ही में जिला परिषद की चार दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला में नशे की रोकथाम और युवाओं को सही दिशा देने के विषय पर विशेष चर्चा की गई। जिला परिषद और पंचायत समिति (बीडीसी) के प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भी इस विषय को प्राथमिकता दी जा रही है। पंचायतों को अपने क्षेत्रों में लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने तथा नशे की चपेट में आए युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने की जिम्मेदारी दी गई है।
शीला ने बताया कि ग्राम सभाओं के माध्यम से भी ग्रामीणों को विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर जागरूक किया जा रहा है। इन बैठकों में न्यायाधीश, सामाजिक कल्याण, शिक्षा और राजस्व विभाग के अधिकारी तथा आपदा प्रबंधन टीम के प्रतिनिधि भाग लेते हैं। इनके माध्यम से लोगों को कानूनी अधिकारों, सामाजिक कल्याण योजनाओं, शिक्षा और आपदा प्रबंधन से जुड़ी जानकारी दी जाती है।
उन्होंने कहा कि भारी बारिश और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान का आकलन ग्राम सभा स्तर पर तैयार कर उपायुक्त को भेजा जाता है, ताकि प्रभावित लोगों को राहत प्रदान करने की प्रक्रिया आगे बढ़ सके। वहीं, सरकार से विकास और जागरूकता कार्यों के लिए मिलने वाली धनराशि नियमानुसार पंचायतों को निष्पक्ष तरीके से वितरित की जाती है।