सोलन। नौणी पंचायत के पूर्व प्रधान मदन हिमाचली ने प्रदेश में गन्ने की घटती खेती और पेट्रोल-डीजल में एथेनॉल मिश्रण को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने सरकार से किसानों को गन्ने की खेती के लिए प्रोत्साहित करने और इस दिशा में ठोस कदम उठाने की मांग की है।
मदन हिमाचली ने कहा कि गन्ना उत्पादक किसानों की संख्या लगातार कम हो रही है। इसके पीछे किसानों को फसल का उचित मूल्य नहीं मिलना और मंडियों तक उत्पादन पहुंचाने में होने वाला अधिक खर्च प्रमुख कारण हैं। उन्होंने कहा कि जब किसान बड़ी मात्रा में गन्ने का उत्पादन करते थे, तब भी उनकी समस्याओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया। कई किसानों को कम दाम और बढ़ती लागत के कारण फसल नष्ट करने तक की स्थिति का सामना करना पड़ा।
उन्होंने कहा कि गन्ने का उत्पादन लगातार घटने से भविष्य में चीनी की मांग पूरी करना चुनौती बन सकता है। उनके अनुसार गन्ने का उपयोग चीनी, गुड़ और शक्कर के बजाय एथेनॉल उत्पादन में बढ़ने से खाद्य पदार्थों की उपलब्धता और कीमतों पर असर पड़ सकता है।
मदन हिमाचली ने पेट्रोल और डीजल में एथेनॉल मिश्रण को लेकर भी कई आशंकाएं जताईं। उन्होंने दावा किया कि इससे वाहनों की माइलेज कम हो सकती है और इंजन पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। उनका कहना है कि इससे परिवहन लागत बढ़ने पर आम लोगों पर महंगाई का अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है।
उन्होंने सरकार से किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए गन्ने की खेती को बढ़ावा देने, फसल का उचित मूल्य सुनिश्चित करने और एथेनॉल नीति की समीक्षा करने की मांग की। उन्होंने कहा कि इस संबंध में सरकार को तत्काल प्रभाव से आवश्यक कदम उठाने चाहिए।