सोलन : टीबी उन्मूलन को लेकर स्वास्थ्य विभाग सख्त

सोलन। जिला सोलन में टीबी उन्मूलन अभियान को प्रभावी बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने अपनी गतिविधियां तेज कर दी हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अजय पाठक की अध्यक्षता में आयोजित मासिक समीक्षा बैठक में जिले के सभी स्वास्थ्य ब्लॉकों के कार्यों की समीक्षा की गई। इस दौरान टीबी मरीजों की समय पर पहचान, उपचार, रोकथाम और बीमारी से होने वाली मृत्यु दर को कम करने के लिए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
डॉ. अजय पाठक ने कहा कि टीबी मरीजों के साथ रहने वाले परिवार के सदस्यों और नजदीकी संपर्कों की पहचान कर उन्हें टीबी प्रिवेंटिव ट्रीटमेंट (टीपीटी) देना सुनिश्चित किया जाए। यदि कोई व्यक्ति यह उपचार लेने से इनकार करता है तो स्वास्थ्य कर्मी उसके घर जाकर काउंसलिंग करें और बीमारी से बचाव के महत्व के बारे में समझाएं।
उन्होंने निर्देश दिए कि भविष्य में किसी भी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के क्षेत्र में टीबी मरीज की मृत्यु होने पर संबंधित मेडिकल ऑफिसर मृत्यु के कारणों की विस्तृत जांच करेंगे। इसके लिए मरीज के परिजनों से बातचीत करने और उपचार रिकॉर्ड की समीक्षा के बाद ऑडिट रिपोर्ट तैयार कर मासिक बैठक में प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।
सीएमओ ने कहा कि टीबी की शुरुआती पहचान के लिए संवेदनशील आबादी का हैंडहेल्ड एक्स-रे करवाया जाएगा और बलगम जांच का दायरा बढ़ाया जाएगा। उन्होंने लोगों से बलगम जांच करवाने में संकोच न करने की अपील की।
उन्होंने बताया कि सोलन जिले में प्रतिवर्ष औसतन 2,000 टीबी मरीज उपचार के लिए आते हैं, जबकि कुल जांच में पॉजिटिविटी दर 10 से 12 प्रतिशत रहती है। घर-घर जाकर लक्षणों की पहचान और विशेष स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से एक्टिव केस फाइंडिंग अभियान चलाया जा रहा है।
डॉ. पाठक ने लोगों से अपील की कि दो सप्ताह से अधिक खांसी, बुखार, वजन कम होने, थकावट या भूख न लगने जैसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच करवाएं। उन्होंने बदलते मौसम में मास्क का प्रयोग करने, खांसते समय मुंह ढकने और साफ-सफाई बनाए रखने की सलाह भी दी।

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