बद्दी। भ्रष्टाचार समाज के विकास में सबसे बड़ी बाधाओं में से एक है। इसे समाप्त करने के लिए युवाओं को ईमानदारी, पारदर्शिता और नैतिक मूल्यों को अपने जीवन में अपनाना होगा। युवा पीढ़ी की जागरूकता और सक्रिय भागीदारी से ही भ्रष्टाचार मुक्त समाज का निर्माण संभव है। यह बात एंटी करप्शन ब्यूरो एवं सिक्योरिटी विजिलेंस विभाग के उप पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार ने आईईसी विश्वविद्यालय में सतर्कता जागरूकता सप्ताह के तहत आयोजित कार्यक्रम में कही।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे अनिल कुमार ने विद्यार्थियों और विश्वविद्यालय के सदस्यों को सत्यनिष्ठा की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार का प्रभाव केवल प्रशासनिक व्यवस्था तक सीमित नहीं रहता, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग को प्रभावित करता है। इसे रोकने के लिए प्रत्येक नागरिक को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी और दैनिक जीवन में ईमानदारी एवं जवाबदेही को अपनाना होगा।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति अशोक पुरी और रजिस्ट्रार डॉ. प्रह्लाद गुप्ता ने भी विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को जिम्मेदार नागरिक बनाना भी है। ऐसे आयोजन युवाओं को सामाजिक और राष्ट्रीय दायित्वों के प्रति जागरूक करते हैं।
कार्यक्रम के दौरान पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें विद्यार्थियों ने भ्रष्टाचार उन्मूलन, ईमानदारी, पारदर्शिता और जवाबदेही जैसे विषयों पर आकर्षक पोस्टर बनाकर जागरूकता का संदेश दिया। इसके अलावा विद्यार्थियों ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से भ्रष्टाचार के दुष्परिणामों को प्रस्तुत किया और इसके खिलाफ सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।
मुख्य अतिथि ने विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि युवाओं को भ्रष्टाचार के खिलाफ जागरूक नागरिक की भूमिका निभानी चाहिए। कार्यक्रम के अंत में सभी ने सत्यनिष्ठा, ईमानदारी और पारदर्शिता के मूल्यों को अपनाने तथा भ्रष्टाचार मुक्त समाज के निर्माण में योगदान देने का संकल्प लिया।