स्वास्थ्य मंत्री के गृह क्षेत्र सोलन स्थित क्षेत्रीय अस्पताल की आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल दो युवकों को पूर्व स्वास्थ्य मंत्री एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल अपनी निजी गाड़ी में तुरंत क्षेत्रीय अस्पताल सोलन लेकर पहुंचे, ताकि समय पर उपचार मिल सके। अस्पताल में चिकित्सकों ने इलाज तो शुरू कर दिया, लेकिन आवश्यक इंजेक्शन उपलब्ध न होने पर उसे बाहर से खरीदने की पर्ची दे दी गई।
इस घटना पर भाजपा के वरिष्ठ नेता वीरेंद्र सूद ने अस्पताल की व्यवस्थाओं पर नाराजगी जताते हुए कहा कि आपातकालीन स्थिति में आवश्यक दवाइयों और इंजेक्शनों का अस्पताल में उपलब्ध न होना बेहद चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि घायलों को समय पर अस्पताल पहुंचा दिया गया, लेकिन इलाज के दौरान जरूरी इंजेक्शन अस्पताल में नहीं मिला।
वीरेंद्र सूद ने सवाल उठाया कि यदि किसी सड़क दुर्घटना में घायल मरीज के साथ कोई परिजन न हो, तो ऐसी स्थिति में बाहर से दवा और इंजेक्शन कौन लाएगा। उन्होंने बताया कि इस मामले में भी घायलों के साथ कोई परिजन मौजूद नहीं था, जिसके चलते होमगार्ड के जवानों को अस्पताल से बाहर जाकर इंजेक्शन खरीदना पड़ा।
उन्होंने कहा कि डॉक्टर अपनी ओर से पूरी निष्ठा से मरीजों का उपचार कर रहे हैं, लेकिन यदि स्वास्थ्य मंत्री के गृह क्षेत्र के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में ही इमरजेंसी के लिए जरूरी दवाइयां और इंजेक्शन उपलब्ध नहीं हैं, तो यह स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने मांग की कि दुर्घटना और अन्य आपातकालीन मामलों में आने वाले मरीजों के लिए सभी आवश्यक दवाइयों और इंजेक्शनों की अस्पताल में हर समय उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि उपचार में किसी प्रकार की देरी न हो और मरीजों की जान बचाई जा सके।