डगशाई पब्लिक स्कूल में छात्रों के बीच हुई मारपीट के मामले को लेकर भारतीय जनता पार्टी अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष गुरमीत सिंह ने स्थिति स्पष्ट करते हुए इसे स्कूल से जुड़ा अनुशासनात्मक मामला बताया है। उन्होंने कहा कि घटना को किसी भी तरह का धार्मिक रंग देना उचित नहीं है।
गुरमीत सिंह ने बताया कि हाल ही में स्कूल परिसर में छात्रों के बीच हुई मारपीट का एक वीडियो सोशल मीडिया और मीडिया में वायरल हुआ था। उनके अनुसार यह वीडियो छात्रों ने आपस में ही बनाया था। घटना की जानकारी सामने आने के बाद स्कूल प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई की।
उन्होंने बताया कि स्कूल प्रशासन ने घटना में शामिल पांच छात्रों को अनुशासनात्मक कार्रवाई के तहत निलंबित कर दिया है। साथ ही मामले को स्कूल प्रशासन और अभिभावकों के स्तर पर सुलझाने की प्रक्रिया अपनाई गई है। उन्होंने कहा कि बच्चों के बीच होने वाली इस तरह की घटनाओं को लेकर स्कूल प्रशासन और अभिभावकों को मिलकर आवश्यक कदम उठाने चाहिए।
भाजपा नेता ने कहा कि कुछ लोगों की ओर से इस घटना को धार्मिक विवाद के तौर पर प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया, जबकि उपलब्ध जानकारी के अनुसार मामला छात्रों के बीच हुई मारपीट और स्कूल अनुशासन से संबंधित था। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसे हिंदू-सिख विवाद के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
गुरमीत सिंह ने कहा कि इस घटना का पंजाब या हिमाचल प्रदेश के बीच किसी प्रकार के विवाद से भी संबंध नहीं है। उन्होंने मीडिया और आम लोगों से अपील की कि घटना की वास्तविक प्रकृति को ध्यान में रखते हुए इसे किसी धार्मिक या क्षेत्रीय विवाद का रूप न दिया जाए।
उन्होंने कहा कि बच्चों से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता बरतना जरूरी है। अनावश्यक चर्चा या गलत तरीके से प्रस्तुत किए जाने से बच्चों और उनके परिवारों पर भी प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने स्कूल प्रशासन और अभिभावकों द्वारा मामले को अनुशासनात्मक स्तर पर सुलझाने के प्रयासों का समर्थन किया।