प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार जिला सोलन कांग्रेस कमेटी ने मंगलवार को नीट परीक्षा पेपर लीक मामले के विरोध में उपायुक्त सोलन के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन प्रेषित किया। इस दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ रोष व्यक्त करते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई।
जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुभाष बरमानी ने कहा कि नीट जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा में पेपर लीक की घटनाएं देश के लाखों विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हैं। उन्होंने बताया कि इस वर्ष देशभर से करीब 24 लाख विद्यार्थियों ने नीट परीक्षा में भाग लिया था। ऐसे में परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठना बेहद चिंताजनक है।
बरमानी ने आरोप लगाया कि बार-बार पेपर लीक होने से विद्यार्थियों और अभिभावकों का परीक्षा प्रणाली पर विश्वास कमजोर हो रहा है। उन्होंने कहा कि अनेक परिवार अपने बच्चों की शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए वर्षों तक कड़ी मेहनत करते हैं तथा आर्थिक कठिनाइयों का सामना करते हैं। ऐसे में पेपर लीक की घटनाएं उनकी उम्मीदों और मेहनत पर पानी फेरने का काम करती हैं।
कांग्रेस ने ज्ञापन के माध्यम से मांग की है कि पूरे मामले की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी अथवा उच्च न्यायालय या सर्वोच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त अथवा कार्यरत न्यायाधीश की निगरानी में करवाई जाए। साथ ही जांच को समयबद्ध तरीके से पूरा कर दोषियों को कड़ी सजा दी जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने यह भी कहा कि मामले की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए। यदि वे ऐसा नहीं करते हैं तो केंद्र सरकार को उन्हें पद से हटाना चाहिए।
इस अवसर पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने छात्रों के हितों की रक्षा, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग करते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के भविष्य से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
सोलन: नीट पेपर लीक मामले पर कांग्रेस का प्रदर्शन, राष्ट्रपति के नाम भेजा ज्ञापन; शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग