महर्षि मार्कंडेश्वर यूनिवर्सिटी (एमएमयू) में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का मांगों को लेकर चल रहा धरना 20वें दिन भी जारी रहा। ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (एआईटीयूसी) के प्रदेश कोषाध्यक्ष अनूप पराशर ने आरोप लगाया कि कर्मचारियों के साथ प्रबंधन की ओर से अन्याय किया जा रहा है और समझौता बैठक में बनी सहमति के बावजूद उन्हें ड्यूटी पर वापस नहीं लिया गया है।
अनूप पराशर के अनुसार, कर्मचारियों का वेतन रोके जाने के बाद मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत की गई थी। इसके बाद श्रम विभाग के हस्तक्षेप से जुलाई माह का वेतन जारी किया गया। उन्होंने बताया कि कंसिलिएशन बैठक में कर्मचारियों को वापस ड्यूटी पर लेने पर सहमति बनी थी, लेकिन अभी तक उन्हें काम पर नहीं लगाया गया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि जब कर्मचारी अस्पताल और कॉलेज में ड्यूटी पर लौटे और हाजिरी लगाने का प्रयास किया तो उनकी बायोमेट्रिक पंचिंग मशीन ब्लॉक कर दी गई। पराशर ने यह भी आरोप लगाया कि कर्मचारियों पर कोरे कागजों पर हस्ताक्षर करने का दबाव बनाया जा रहा है और हस्ताक्षर करने के बाद ही पंचिंग सुविधा बहाल करने की बात कही जा रही है।
एआईटीयूसी नेता ने एमएमयू प्रबंधन के अधिकारियों पर श्रम नियमों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री, श्रम विभाग और श्रमायुक्त से मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की मांगों का जल्द समाधान होना चाहिए।
पराशर ने चेतावनी दी कि कर्मचारी फिलहाल शांतिपूर्ण तरीके से धरना दे रहे हैं। यदि अगले दो से तीन दिनों में बातचीत के माध्यम से समाधान नहीं निकला तो संगठन आंदोलन को उग्र करने के लिए मजबूर होगा। उन्होंने कहा कि उत्पन्न होने वाली किसी भी स्थिति के लिए एमएमयू प्रबंधन, जिला प्रशासन और श्रम विभाग जिम्मेदार होंगे। BITE – Anoop prasher प्रदेश कोषाध्यक्ष ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस
सोलन : एमएमयू में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का धरना 20वें दिन भी जारी, एआईटीयूसी ने दी आंदोलन तेज करने की चेतावनी