सोलन। जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग और रेलवे लाइनों पर आवारा पशुओं की समस्या से निपटने के लिए पशुपालन विभाग और प्रशासन ने संयुक्त रूप से कार्रवाई तेज कर दी है। उप निदेशक पशुपालन विभाग सोलन डॉ. विवेक लांबा ने बताया कि उपायुक्त के निर्देश पर एनएचएआई के सहयोग से राष्ट्रीय राजमार्गों से आवारा पशुओं को हटाकर गौशालाओं में भेजने का अभियान चलाया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि परवाणू से धर्मपुर के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग से अब तक करीब 25 आवारा पशुओं को रेस्क्यू कर सुरक्षित रूप से गौशालाओं में पहुंचाया गया है। रेस्क्यू किए गए पशुओं में मादा पशुओं की संख्या अधिक है। उन्होंने बताया कि मानसून के दौरान आमतौर पर नर पशुओं को हांडाकुंडी भेजा जाता है, लेकिन नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण फिलहाल उन्हें वहां भेजना संभव नहीं हो पाया।
डॉ. लांबा के अनुसार एनएचएआई की ओर से पशुओं को हटाने के लिए वाहन और मैनपावर उपलब्ध करवाई जा रही है। बारिश और संसाधनों की कमी के कारण अभियान में कुछ समय के लिए रुकावट आई थी, लेकिन अब इसे दोबारा शुरू किया गया है। एनएचएआई ने आगामी सप्ताह में शेष आवारा पशुओं को भी हटाने का आश्वासन दिया है।
उन्होंने बताया कि सोलन जिला हरियाणा की सीमा से सटा होने के कारण बाहरी राज्यों से भी पशु एनएच पर पहुंच जाते हैं। कई मामलों में पशुओं के पहचान टैग हटा दिए जाने से उनके मालिकों की पहचान करना विभाग के लिए चुनौती बन जाता है।
विभाग द्वारा पशुओं की पहचान के लिए भारत पशुधन ऐप का उपयोग किया जा रहा है। टैग पंजीकृत होने पर ऐप के माध्यम से पशु मालिक का नाम, गांव और मोबाइल नंबर की जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
सोलन रेलवे स्टेशन की पटरियों पर घूम रहे टैग लगे पशुओं के मामले में विभाग ने संबंधित पशुपालकों की पहचान कर उन्हें चेतावनी दी थी। इसके बावजूद दोबारा शिकायत मिलने पर लापरवाह पशुपालकों के नाम और फोन नंबर पुलिस को सौंप दिए गए हैं। अब पुलिस संबंधित मामलों में कानूनी कार्रवाई कर रही है। BITE – Dr vivek lamba Deputy director solan
सोलन : एनएच और रेलवे ट्रैक से आवारा पशुओं को हटाने का अभियान तेज, 25 पशु गौशालाओं में भेजे