नगर निगम द्वारा व्यवस्थित बाजार व्यवस्था के उद्देश्य से स्थापित ‘आजीविका परिसर’ इन दिनों खुद दुकानदारों के लिए परेशानी का कारण बनता जा रहा है। बाईपास से हटाकर यहां बसाए गए विक्रेताओं का आरोप है कि प्रशासनिक अनदेखी के चलते उनका कारोबार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
सब्जी विक्रेता ज्ञानचंद ने बताया कि परिसर में शिफ्ट होने के बाद से ग्राहकों की संख्या में भारी गिरावट आई है। हालात यह हैं कि दुकान में रखा सामान और सब्जियां लंबे समय तक बिक नहीं पा रहीं और खराब हो रही हैं। उन्होंने कहा कि शुरुआत में कुछ समय के लिए स्थिति ठीक रही, लेकिन अब फिर से कारोबार ठप पड़ गया है।
दुकानदारों का कहना है कि प्रशासन ने बाईपास पर रेहड़ी-फड़ी पूरी तरह बंद करने का आश्वासन दिया था, लेकिन वर्तमान में वहां दोबारा अवैध कब्जे बढ़ गए हैं। शाम के समय बाईपास क्षेत्र में भारी भीड़ रहती है, जिससे ग्राहक आजीविका परिसर तक नहीं पहुंच पाते। उनका आरोप है कि प्रशासन समय-समय पर कार्रवाई जरूर करता है, लेकिन हटाए गए लोग कुछ ही घंटों में दोबारा वहीं बैठ जाते हैं।
दुकानदारों के अनुसार, पिछले डेढ़ वर्ष से उनका व्यवसाय लगातार नुकसान में है और यह बाजार लगभग विफल साबित हो रहा है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि या तो बाईपास पर अवैध कब्जों पर पूरी तरह रोक लगाई जाए या उन्हें भी वहीं जाकर कारोबार करने की अनुमति दी जाए। उनका कहना है कि नियम सभी के लिए समान रूप से लागू होने चाहिए, तभी आजीविका परिसर का उद्देश्य सफल हो सकेगा।