सोलन: PMGSY सड़क निर्माण में अनियमितताओं के आरोप, एक दिन में उखड़ी टायरिंग से PWD पर सवाल

सोलन: प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (PMGSY) के तहत सोलन से शलूमना (चंबा घाट से शुमना) वाया बसाल सड़क मार्ग के सुदृढ़ीकरण और चौड़ीकरण कार्य को लेकर गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। करीब एक वर्ष से चल रहे इस प्रोजेक्ट में गुणवत्ता को लेकर स्थानीय लोगों ने कड़ी आपत्ति जताई है, जिससे लोक निर्माण विभाग (PWD) की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं।
स्थानीय निवासियों के अनुसार सड़क की टायरिंग का कार्य अत्यंत निम्न स्तर का है। आरोप है कि निर्माण के एक ही दिन बाद कई स्थानों पर सड़क की परत उखड़ने लगी। जिला शिकायत निवारण समिति के सदस्य विद्या दत्त और पूर्व वार्ड सदस्य कुलदीप मेहता ने बताया कि टायरिंग इतनी पतली है कि हल्के दबाव से ही बिटुमेन निकल रहा है। वहीं, भाजपा नेता राजेश कश्यप ने भी निर्माण गुणवत्ता पर चिंता जताते हुए कहा कि इस मार्ग पर वाहनों का दबाव अधिक रहता है और यदि इसी तरह कार्य होता रहा तो सड़क जल्द ही फिर से गड्ढों में तब्दील हो जाएगी।
सड़क के चौड़ीकरण को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क को निर्धारित मानकों के अनुरूप चौड़ा नहीं किया गया और यह अब भी संकरी बनी हुई है। सड़क किनारों के अत्यधिक नीचे होने से वाहन चालकों, विशेषकर दोपहिया सवारों के लिए दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। इसके अलावा, नालियों और पुलियों की उचित व्यवस्था नहीं होने से आगामी बरसात में सड़क के क्षतिग्रस्त होने की आशंका भी जताई जा रही है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि विभागीय अधिकारी, जिनमें जेई और एसडीओ शामिल हैं, मौके पर नियमित निरीक्षण नहीं कर रहे हैं। इस कारण ठेकेदार द्वारा कार्य में लापरवाही बरती जा रही है। कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से लोगों में नाराजगी है। अधिशासी अभियंता रवि कपूर से संपर्क करने पर उन्होंने इस विषय पर कैमरे के सामने कुछ भी कहने से इंकार कर दिया।
स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने केंद्र और प्रदेश सरकार से मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने सड़क निर्माण की गुणवत्ता, मोटाई, डेंसिटी और बिटुमेन की जांच उच्च स्तर पर करवाने तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने की अपील की है, ताकि सरकारी धन का सही उपयोग हो सके और लोगों को सुरक्षित व टिकाऊ सड़क सुविधा मिल सके।

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