शहर में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या पर नियंत्रण के लिए स्थापित एनिमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) केंद्र ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए 9 महीनों के भीतर 500 से अधिक कुत्तों की स्टरलाइजेशन पूरी कर ली है। पशुपालन विभाग के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. विवेक लांबा ने जानकारी देते हुए बताया कि हाल ही में 21 कुत्तों की सर्जरी के साथ यह आंकड़ा 501 तक पहुंच गया है।
उन्होंने बताया कि केंद्र का शुभारंभ पिछले वर्ष 20 जून को किया गया था और आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता के बाद नियमित रूप से सर्जरी की जा रही हैं। वर्तमान में प्रति सप्ताह 25 से 30 कुत्तों की नसबंदी की जा रही है, जिससे इस लक्ष्य को हासिल करना संभव हो पाया है।
डॉ. लांबा ने शहरवासियों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि मुख्य सड़कों के कुत्तों को पकड़ना अपेक्षाकृत आसान होता है, लेकिन गलियों में रहने वाले कुत्तों को पकड़ने में दिक्कत आती है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे डॉग कैचर्स की सहायता करें, ताकि अधिक से अधिक कुत्तों को स्टरलाइज किया जा सके।
उन्होंने बताया कि कुत्तों को पकड़ने का कार्य पेशेवर तरीके से किया जाता है, जिसके लिए नगर निगम ने एक संस्था को जिम्मेदारी सौंपी है। विभाग का लक्ष्य है कि अगले छह महीनों में शहर के अधिकांश आवारा कुत्तों की नसबंदी पूरी कर ली जाए, जिससे उनकी संख्या पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सके।