सोलन। स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) हिमाचल प्रदेश की ओर से राज्य स्तरीय गर्ल्स कन्वेंशन का आयोजन किया गया। इसमें छात्राओं से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा के बाद नई गर्ल्स सब कमेटी का गठन किया गया। एसएफआई हिमाचल प्रदेश गर्ल्स सब कमेटी की कन्वीनर पूजा ने कहा कि वर्तमान समय में छात्राओं को शिक्षा, सुरक्षा और सामाजिक स्तर पर कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। इन समस्याओं के समाधान में गर्ल्स सब कमेटी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
पूजा ने कहा कि छात्राओं की शिक्षा प्रभावित होने के पीछे आर्थिक कारणों के साथ-साथ यौन उत्पीड़न, रूढ़िवादी सोच और बढ़ती फीस भी प्रमुख कारण हैं। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों और कार्यस्थलों में छात्राओं को यौन उत्पीड़न की समस्या का सामना करना पड़ता है। वहीं, ऐसी सामाजिक सोच भी शिक्षा के रास्ते में बाधा बनती है, जिसमें लड़कियों की भूमिका को घर और रसोई तक सीमित रखने की मानसिकता दिखाई देती है।
कन्वेंशन में सभी शिक्षण संस्थानों में जीएस कैश कमेटी के गठन और उसे प्रभावी बनाने की मांग उठाई गई। संगठन ने कॉलेजों और अन्य संस्थानों में छात्राओं के लिए सैनिटरी पैड वेंडिंग मशीनें लगाने, डिस्पोजेबल मशीनों की सुविधा उपलब्ध करवाने और वाशरूम में बेहतर सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की।
इसके अलावा हॉस्टलों की समय सीमा में बदलाव की मांग भी उठाई गई। पूजा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय सहित कई संस्थानों में शाम सात बजे हॉस्टल बंद होने के कारण छात्राएं 24 घंटे उपलब्ध लाइब्रेरी सुविधा का पूरा लाभ नहीं उठा पाती हैं। ऐसे में छात्राओं की सुविधा के अनुसार हॉस्टल व्यवस्था में बदलाव किया जाना चाहिए।
कन्वेंशन में सार्वजनिक परिवहन और अन्य स्थानों पर छात्राओं की सुरक्षा का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। एसएफआई ने कहा कि बसों और सार्वजनिक स्थलों पर छेड़छाड़ जैसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए प्रभावी व्यवस्था जरूरी है। पूजा ने कहा कि संगठन इन मांगों को प्रशासन के समक्ष उठाएगा और छात्राओं के लिए सुरक्षित एवं अनुकूल शैक्षणिक माहौल सुनिश्चित करने की दिशा में अभियान चलाएगा। BITE – पूजा हिमाचल प्रदेश SFI गर्ल्स कमेटी कन्वीनर