पशुपालन विभाग सोलन द्वारा पशुओं को मुखर रोग (फुट एंड माउथ डिजीज) से बचाने के लिए चलाया गया टीकाकरण अभियान का सातवां चरण सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। अभियान के तहत जिले में एक लाख से अधिक पशुओं का टीकाकरण किया गया है। इसकी जानकारी पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डॉ. विवेक लांबा ने दी।
डॉ. लांबा ने बताया कि अभियान का कैंपेन मोड 31 मई को समाप्त हो गया है। इस चरण के लिए विभाग को लगभग 1.5 लाख पशुओं के टीकाकरण हेतु वैक्सीन उपलब्ध करवाई गई थी। वर्तमान में ऑनलाइन पोर्टल पर करीब एक लाख पशुओं के टीकाकरण का रिकॉर्ड दर्ज किया जा चुका है, जबकि शेष आंकड़ों की ऑनलाइन रिपोर्टिंग का कार्य जारी है।
उन्होंने बताया कि इस बार टीकाकरण प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए ओटीपी आधारित प्रणाली अपनाई गई। पशुपालकों द्वारा साझा किए गए ओटीपी के सत्यापन के बाद ही टीकाकरण की जानकारी पोर्टल पर दर्ज की गई। इससे आंकड़ों की सटीकता सुनिश्चित करने में मदद मिली है।
डॉ. लांबा ने कहा कि मुखर रोग पशुओं में तेजी से फैलने वाली संक्रामक बीमारी है, जिससे पशुधन और दुग्ध उत्पादन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। ऐसे में समय पर टीकाकरण पशुओं की सुरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने बताया कि वर्तमान वैक्सीन लगभग छह माह तक प्रभावी रहती है। इसके बाद विभाग द्वारा टीकाकरण अभियान का आठवां चरण शुरू किया जाएगा। आगामी अभियान की तिथियों और प्रक्रिया की जानकारी समय रहते पशुपालकों को उपलब्ध करवाई जाएगी, ताकि जिले के अधिक से अधिक पशुओं को इस बीमारी से सुरक्षित रखा जा सके।
Byte- Dr vivek lamba
सोलन में मुखर रोग टीकाकरण अभियान का सातवां चरण संपन्न, एक लाख से अधिक पशुओं को लगी वैक्सीन