भाई-बहन के अटूट प्रेम, विश्वास और स्नेह का प्रतीक रक्षाबंधन पर्व इस वर्ष भी श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। रक्षाबंधन को लेकर सोलन स्थित दुर्गा मंदिर के पंडित मदन शर्मा ने पर्व के शुभ समय और धार्मिक महत्व को लेकर जानकारी साझा की है।
पंडित मदन शर्मा ने बताया कि इस बार 27 अगस्त को भद्रा का प्रभाव रहने के कारण रक्षा सूत्र बांधने के लिए 28 अगस्त का दिन अधिक शुभ रहेगा। उन्होंने बताया कि 28 अगस्त को सुबह 7 से 8 बजे के बाद से लेकर देर शाम तक बहनें अपनी सुविधा के अनुसार भाइयों की कलाई पर राखी बांध सकती हैं।
उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन जैसे महत्वपूर्ण पर्व पर लोग अक्सर शुभ मुहूर्त को लेकर चिंतित रहते हैं, जबकि पर्व की भावना और श्रद्धा सबसे अधिक महत्वपूर्ण है। सुबह से शाम तक पूरे दिन को शुभ मानकर भाई-बहन इस त्योहार को हर्षोल्लास और आत्मीयता के साथ मना सकते हैं।
पंडित मदन शर्मा ने रक्षाबंधन के धार्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह पर्व भाई-बहन के बीच प्रेम और विश्वास को मजबूत करने का संदेश देता है। परंपरा के अनुसार बहन अपने भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर उसके सुखी, स्वस्थ और सुरक्षित जीवन की कामना करती है। साथ ही भाई भी बहन की रक्षा और हर परिस्थिति में उसके साथ खड़े रहने का संकल्प लेता है।
उन्होंने कहा कि जीवन में संकट और कठिनाइयां कई प्रकार की होती हैं, लेकिन रक्षाबंधन का रक्षा सूत्र भाई-बहन के आपसी विश्वास और जिम्मेदारी का प्रतीक है। पर्व केवल रस्म निभाने तक सीमित नहीं, बल्कि परिवार में प्रेम, अपनत्व और सुरक्षा की भावना को मजबूत करने का अवसर भी है।
सोलन में रक्षाबंधन पर पंडित मदन शर्मा ने बताया शुभ समय और पर्व का महत्व