जिला स्वास्थ्य विभाग की ओर से टीबी नियंत्रण एवं रोकथाम को लेकर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में टीबी विभाग की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें पूरे महीने किए गए कार्यों की समीक्षा की गई। बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अजय पाठक ने टीबी उन्मूलन, रोकथाम और मरीजों की देखभाल को लेकर अधिकारियों एवं स्वास्थ्य कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
डॉ. अजय पाठक ने बताया कि सोलन जिले में हर वर्ष करीब 2000 टीबी मरीज सामने आते हैं। इसके अलावा हर छह माह में करीब 1000 से 1200 मरीज उपचाराधीन रहते हैं। मरीजों की संख्या में प्रतिदिन बदलाव होता रहता है।
उन्होंने कहा कि टीबी की समय पर पहचान के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से हैंडहेल्ड एक्सरे मशीनों के माध्यम से घर-घर जाकर विशेष जांच कैंप लगाए जाएंगे। इसके साथ ही आयुष और निक्षय कैंपों में बलगम की जांच का दायरा भी बढ़ाया जाएगा।
सीएमओ ने कहा कि यदि किसी परिवार में टीबी का मरीज मिलता है तो उसके संपर्क में रहने वाले सदस्यों की स्क्रीनिंग की जाएगी। जांच में स्वस्थ पाए जाने वाले संपर्कों को टीबी प्रिवेंटिव ट्रीटमेंट के तहत सुरक्षात्मक दवाएं दी जाएंगी, ताकि उनमें संक्रमण की संभावना को कम किया जा सके।
प्रत्येक टीबी मरीज का बेसिक ब्लड टेस्ट करवाने के साथ नियमित फॉलोअप और होम विजिट पर भी विशेष जोर दिया गया है। इससे मरीज की स्थिति और बीमारी से जुड़े जोखिमों की समय रहते पहचान की जा सकेगी।
डॉ. अजय पाठक ने लोगों से अपील की कि लगातार खांसी, बुखार, शाम के समय थकान, वजन कम होना या शरीर में गांठ जैसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत स्वास्थ्य केंद्र में जांच करवाएं। उन्होंने कहा कि टीबी मरीज के संपर्क में रहने वाले लोगों को स्वास्थ्य कर्मियों की सलाह पर सुरक्षात्मक दवाएं अवश्य लेनी चाहिए। BITE – CMO AJAY PATHAK