सोलन मंडी में सेब की आवक शुरू हो गई है, लेकिन कम उत्पादन और अपेक्षाकृत कमजोर दामों ने बागवानों की चिंता बढ़ा दी है। मंडी पहुंचे जिला मंडी के बागवान रमेश कुमार ने इस वर्ष की फसल और बाजार की स्थिति को लेकर अपनी परेशानी साझा की। वह पिछले 10 से 12 वर्षों से लगातार अपनी सेब की फसल बेचने सोलन मंडी आ रहे हैं।
रमेश कुमार के अनुसार इस बार सेब का उत्पादन काफी कम हुआ है। इसका असर मंडियों में पहुंचने वाली पेटियों की संख्या पर भी दिखाई दे रहा है। उन्होंने बताया कि उनके बगीचे में फिलहाल रॉयल रेड और रेड गोल्डन किस्म का सेब तैयार हो रहा है। रेड गोल्डन का उपयोग मुख्य रूप से परागण के लिए भी किया जाता है। बागवान नई वैरायटियां लगाने पर भी जोर दे रहे हैं, लेकिन उनके फल देने में अभी समय लगेगा।
रमेश कुमार इस बार करीब 91 पेटियां लेकर सोलन मंडी पहुंचे। इनमें मुख्य रूप से रॉयल किस्म के सेब के साथ रेड और रेड गोल्डन की पेटियां भी शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि हर वर्ष सोलन मंडी में उन्हें फसल का बेहतर दाम मिलता रहा है, लेकिन इस बार बाजार में भाव उम्मीद के अनुरूप नहीं हैं। बागवानों के अनुसार सेब के दाम में करीब 200 से 250 रुपये प्रति पेटी तक की कमी देखने को मिल रही है। उनका कहना है कि मौजूदा भाव से कम से कम 200 से 250 रुपये अधिक दाम मिलने चाहिए।
बागवानों का कहना है कि सेब तैयार करने में करीब छह महीने की मेहनत, लागत और समय लगता है। ऐसे में कम दाम मिलने से उत्पादन लागत निकालना भी चुनौती बन रहा है। बागवानों ने सरकार और संबंधित एजेंसियों से बाजार में उचित मूल्य सुनिश्चित करने की मांग की है। BITE – रमेश कुमार जिला मंडी