जिला परिषद सोलन की प्रथम त्रैमासिक बैठक सोमवार को आयोजित हुई, जिसमें जिले से जुड़े विभिन्न विकासात्मक एवं जनहित के मुद्दों पर चर्चा की गई। बैठक के बाद जिला परिषद अध्यक्ष शीला कुमारी ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए बताया कि नव निर्वाचित सदस्यों की पहली बैठक होने के कारण लगभग 30 से 40 मदों पर ही चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि अधिकांश अधिकारी पूरी तैयारी के साथ बैठक में पहुंचे और कई समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया गया।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के नालागढ़ दौरे के कारण कुछ विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित नहीं हो सके। उनके स्थान पर जेई और एसडीओ स्तर के अधिकारियों ने भाग लिया। इस पर अध्यक्ष ने नाराजगी जताते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि भविष्य में बिना किसी वैध कारण के कोई भी अधिकारी त्रैमासिक बैठकों से अनुपस्थित न रहे। ऐसा होने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में जिले की जर्जर सड़कों का मुद्दा प्रमुखता से उठा। अध्यक्ष शीला कुमारी ने कहा कि सुबाथू रोड सहित जिले के कई क्षेत्रों की सड़कें बदहाल स्थिति में हैं। कसौली के सदस्य नेत्र सिंह ने भी अपने क्षेत्र की सड़कों की खराब हालत का मामला उठाया, जबकि ममलीग और अर्की क्षेत्र की सड़कें भी चिंता का विषय रहीं।
उन्होंने कहा कि अधिकारियों ने बजट की कमी का हवाला दिया, लेकिन जनता को बेहतर सड़क सुविधा उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। जिला परिषद ने सड़क सुधार कार्यों में तेजी लाने की आवश्यकता पर जोर दिया। BITE – शीला कुमारी चेयरमैन जिला परिषद सोलन