सोलन। हिमाचल प्रदेश मिड डे मील वर्कर यूनियन के प्रदेशव्यापी आह्वान पर सोलन में मिड डे मील कार्यकर्ताओं ने अपनी लंबित मांगों को लेकर केंद्र और प्रदेश सरकार के खिलाफ जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने 12 महीने का पूरा मानदेय, न्यूनतम वेतन और स्थायी कर्मचारी का दर्जा देने की मांग उठाई।
इस दौरान सीआईटीयू जिला सोलन के महासचिव मोहित वर्मा और मिड डे मील यूनियन सोलन की कोषाध्यक्ष सपना ठाकुर ने कहा कि प्रदेश हाईकोर्ट के निर्देशों के बावजूद सरकार कार्यकर्ताओं को 12 महीने का पूरा मानदेय नहीं दे रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने 10 महीने के मानदेय को ही 12 महीनों में बांटकर देने का निर्णय लिया है, जो कार्यकर्ताओं के साथ अन्याय है।
यूनियन नेताओं ने कहा कि 46वें श्रम सम्मेलन की सिफारिशों के अनुसार मिड डे मील वर्कर्स को सरकारी कर्मचारी का दर्जा और न्यूनतम वेतन दिया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2009 से 2026 तक केंद्र सरकार ने कार्यकर्ताओं के मानदेय में एक रुपये की भी बढ़ोतरी नहीं की है।
उन्होंने कहा कि इस योजना में शत-प्रतिशत महिलाएं बेहद कम मानदेय पर सेवाएं दे रही हैं, लेकिन उनकी मांगों की लगातार अनदेखी हो रही है। यूनियन ने चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने पर देशभर के मजदूर संगठनों के साथ हिमाचल से भी हजारों मिड डे मील कार्यकर्ता 1 और 2 दिसंबर को दिल्ली घेराव में शामिल होंगी।
सोलन में मिड डे मील वर्कर्स का प्रदर्शन, 12 महीने के मानदेय की मांग को लेकर 1-2 दिसंबर को दिल्ली घेराव का ऐलान