सोलन। नगर निगम सोलन की मेयर सुषमा शर्मा ने शहर में जारी पेयजल संकट को लेकर आईपीएच विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि विभागीय अधिकारी पानी की कमी से इनकार कर रहे हैं, जबकि शहर के कई क्षेत्रों में लोगों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। मेयर के अनुसार, जल आपूर्ति में गिरावट का मुख्य कारण ट्रांसफार्मर और बिजली व्यवस्था में आई तकनीकी खराबी रही है।
सुषमा शर्मा ने बताया कि अक्टूबर के पहले सप्ताह में आईपीएच विभाग से प्रतिदिन 75 से 80 लाख लीटर पानी मिल रहा था। उस समय नगर निगम शहरवासियों को हर चौथे दिन नियमित रूप से पानी उपलब्ध करवा रहा था। लेकिन बाद में आपूर्ति घटने से वितरण व्यवस्था प्रभावित हुई।
उन्होंने विभाग से मिले आंकड़े साझा करते हुए बताया कि 21 अक्टूबर को 54 लाख लीटर, 22 अक्टूबर को 37 लाख लीटर, 23 अक्टूबर को 68 लाख लीटर, 24 अक्टूबर को 59 लाख लीटर, 25 अक्टूबर को 51 लाख लीटर, 26 अक्टूबर को 57 लाख लीटर और 27 अक्टूबर को 73 लाख लीटर पानी मिला। वहीं, 28 अक्टूबर को आपूर्ति बढ़कर 82 लाख लीटर पहुंच गई।
मेयर ने कहा कि सोलन की भौगोलिक स्थिति और ऊंचाई वाले क्षेत्रों के कारण कम पानी मिलने पर पाइपलाइनों में पर्याप्त दबाव नहीं बन पाता। इससे ऊंचाई पर स्थित घरों तक पानी पहुंचाना मुश्किल हो जाता है। शहर की वितरण व्यवस्था सुचारू रखने के लिए रोजाना कम से कम 70 से 75 लाख लीटर पानी की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि यदि आईपीएच विभाग प्रतिदिन 80 लाख लीटर पानी की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करे, तो नगर निगम हर तीसरे या चौथे दिन शहरवासियों को पानी उपलब्ध करवा सकता है। मेयर ने जल संकट के स्थायी समाधान के लिए नियमित आपूर्ति पर जोर दिया।
सोलन में जल संकट पर मेयर सुषमा शर्मा ने उठाए सवाल, नियमित आपूर्ति के लिए रोजाना 80 लाख लीटर पानी की मांग