सोलन मंडी में बागवानों के भुगतान का मामला गरमाया, 28 आढ़तियों पर कोर्ट में केस

सोलन। सोलन मंडी में सेब और अन्य फसलों की बिक्री के बाद बागवानों को बकाया भुगतान न मिलने का मामला तूल पकड़ने लगा है। हिमाचल किसान सभा के बैनर तले करीब 50 किसान और बागवान अपनी शिकायतें लेकर एपीएमसी कार्यालय पहुंचे और डिफॉल्टर कारोबारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। किसानों ने आरोप लगाया कि कई मामलों में लंबे समय से भुगतान लंबित है और कुछ बागवानों की लाखों रुपये की रकम फंसी हुई है।
ठियोग निवासी किसान मदन प्रेमी ने बताया कि उन्होंने पिछले वर्ष आढ़ती अनूप को सेब बेचे थे, लेकिन करीब 80 हजार रुपये का भुगतान अब तक नहीं मिला है। उन्होंने आरोप लगाया कि व्यापारी फोन नहीं उठा रहा है। मदन प्रेमी के अनुसार कई किसानों की 12 लाख रुपये तक की राशि भी लंबित है। सरोग निवासी महिला किसान नीलम ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2025 में इसी आढ़ती को सेब बेचे थे। व्यापारी ने 15 दिन में भुगतान का आश्वासन दिया था, लेकिन करीब 80 हजार रुपये नहीं मिले। उन्होंने मंडी में फसलों की बिक्री वजन के आधार पर करने की मांग भी उठाई।
किसानों की शिकायतों पर एपीएमसी सोलन के सचिव राघव सूद ने कहा कि मंडी समिति ने डिफॉल्टर कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। उन्होंने बताया कि अब तक 28 कमीशन एजेंटों के खिलाफ एसीजीएम कोर्ट सोलन और सीजीएम कोर्ट कसौली में मामले दायर किए जा चुके हैं। इस वर्ष किसी डिफॉल्टर कमीशन एजेंट या ट्रेडर का लाइसेंस जारी या नवीनीकृत नहीं किया गया है।
सूद ने कहा कि डिफॉल्टर व्यापारियों और किसान प्रतिनिधियों की संयुक्त बैठक कर भुगतान संबंधी मामलों का समाधान किया जाएगा। मंडियों में 10 दिनों के भीतर न्यूनतम, अधिकतम और मॉडल रेट दर्शाने वाले बोर्ड लगाए जाएंगे। टमाटर समेत अन्य फसलों की वजन के आधार पर बिक्री को ट्रायल के तौर पर लागू करने पर भी विचार किया जाएगा। उन्होंने अनधिकृत कटौती की शिकायतों पर कार्रवाई और दुकानों के हस्तांतरण मामलों की जांच के निर्देश दिए हैं।

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