सोलन। शहरी कांग्रेस सोलन और ब्लॉक कांग्रेस कमेटी सोलन के नेतृत्व में शुक्रवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कथित वोट चोरी और लोकतंत्र की रक्षा के मुद्दे पर बाइक रैली निकाली। सुबह 11 बजे आयोजित इस रैली के माध्यम से कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध जताया। रैली के बाद कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उपायुक्त कार्यालय पहुंचकर डीसी के माध्यम से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को ज्ञापन सौंपा।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि देश में पेपर लीक, चंदा चोरी और वोट चोरी जैसे मुद्दे लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं। उन्होंने कहा कि मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा करना और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करना आवश्यक है। नेताओं ने दावा किया कि देश के करोड़ों मतदाता इन मुद्दों पर जवाब चाहते हैं।
कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े जिम्मेदार अधिकारियों से नैतिक आधार पर इस्तीफा देने की मांग की। इसके साथ ही विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया को रद्द करने की मांग भी उठाई गई। पार्टी नेताओं का कहना था कि मतदाता सूची तैयार करने और उसमें संशोधन की प्रक्रिया निष्पक्ष एवं पारदर्शी होनी चाहिए, ताकि किसी भी पात्र मतदाता का नाम सूची से न कटे और किसी प्रकार की अनियमितता की आशंका न रहे।
नेताओं ने कहा कि भारतीय संविधान प्रत्येक नागरिक को समानता, सामाजिक न्याय और लोकतांत्रिक अधिकार प्रदान करता है। इन अधिकारों की रक्षा करना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।
कांग्रेस नेताओं ने बताया कि हिमाचल प्रदेश में बूथ स्तर के एजेंट मतदाता सूची से संबंधित मामलों पर नजर रख रहे हैं। उन्होंने पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र का उल्लेख करते हुए कहा कि इन राज्यों में भी चुनाव प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए गए हैं। राहुल गांधी द्वारा कथित वोट चोरी के संबंध में प्रस्तुत किए गए साक्ष्यों का हवाला देते हुए नेताओं ने निष्पक्ष जांच की आवश्यकता पर जोर दिया।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव जरूरी हैं। उन्होंने अपनी मांगों पर कार्रवाई करने की अपील की।
सोलन में वोट चोरी के विरोध में कांग्रेस की बाइक रैली, मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग