सोलन में पेयजल संकट पर भाजपा ने सौंपा ज्ञापन, उच्च स्तरीय जांच की मांग

सोलन। शहर में लगातार बिगड़ती पेयजल आपूर्ति को लेकर भारतीय जनता पार्टी सोलन शहरी मंडल ने प्रशासन के समक्ष मामला उठाया है। मंडल अध्यक्ष शैलेंद्र के नेतृत्व में भाजपा पदाधिकारियों ने अतिरिक्त जिलाधीश के माध्यम से उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर पेयजल संकट के कारणों की उच्च स्तरीय जांच करवाने की मांग की।
भाजपा नेताओं ने ज्ञापन में कहा कि सोलन शहर में पिछले करीब डेढ़ महीने से पेयजल किल्लत बनी हुई है, जबकि बीते 15 दिनों में स्थिति और गंभीर हो गई है। उनका आरोप है कि शहर के इतिहास में पहली बार लोगों को आठ से नौ दिनों के अंतराल पर पानी की आपूर्ति मिल रही है। इससे आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मंडल पदाधिकारियों ने जल शक्ति विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक साथ ट्रांसफार्मर फुंकने और चार मोटरों के खराब होने की घटना की जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार ने पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने के लिए संवर्धन योजना तैयार की थी, ताकि आपात स्थिति में वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध रहे। ऐसे में एक साथ कई मोटरों के खराब होने के कारणों का पता लगाना जरूरी है।
भाजपा शहरी मंडल अध्यक्ष शैलेंद्र ने कहा कि तत्कालीन मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के नेतृत्व वाली सरकार के कार्यकाल में 101 करोड़ रुपये की गिरी-कसौली पेयजल योजना का शिलान्यास किया गया था। इस योजना के माध्यम से धर्मपुर, कुमारहट्टी, कसौली और 46 पंचायतों को पेयजल सुविधा उपलब्ध करवाने का लक्ष्य था। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार के समय योजना का 70 प्रतिशत से अधिक कार्य पूरा हो चुका था, लेकिन पिछले तीन से चार वर्षों में शेष कार्य पूरा नहीं हो पाया है।
उन्होंने योजना स्थल से पाइपें चोरी होने की खबरों पर भी चिंता जताई और मामले की जांच की मांग की। भाजपा नेताओं ने कहा कि यदि योजना समय पर पूरी हो जाती, तो सोलन शहर को भी पर्याप्त पानी उपलब्ध करवाने में मदद मिल सकती थी।
भाजपा मंडल ने प्रदेश सरकार और प्रशासन से पेयजल संकट का स्थायी समाधान निकालने, योजना के कार्य में देरी के कारणों का पता लगाने और बिजली उपकरणों व मोटरों के खराब होने की निष्पक्ष जांच करवाने की मांग की।

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