सोलन। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) जिला सोलन ने 21 अगस्त 2026 को विद्यार्थी परिषद के एक कार्यकर्ता के साथ कथित मारपीट की घटना की निंदा करते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। संगठन ने आरोप लगाया कि एसएफआई सोलन के कुछ कार्यकर्ताओं ने विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता पर हमला किया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
एबीवीपी ने जारी बयान में कहा कि शैक्षणिक परिसर शिक्षा, संवाद, विचारों की अभिव्यक्ति और वैचारिक मतभेदों को लोकतांत्रिक तरीके से रखने के केंद्र होते हैं। ऐसे स्थानों पर हिंसा और दबाव की राजनीति के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए। संगठन के अनुसार, किसी विचारधारा से असहमति होने पर उसका जवाब तर्क और संवाद के माध्यम से दिया जाना चाहिए, न कि मारपीट या डराने-धमकाने से।
परिषद ने कहा कि इस प्रकार की घटनाओं से न केवल परिसर की शांति प्रभावित होती है, बल्कि विद्यार्थियों के शैक्षणिक माहौल पर भी प्रतिकूल असर पड़ता है। संगठन ने संबंधित कार्यकर्ताओं से वैचारिक मतभेदों को लोकतांत्रिक तरीके से रखने की अपील की।
एबीवीपी जिला सोलन ने पुलिस प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच करवाने और जांच के आधार पर दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की। संगठन ने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों में विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
परिषद ने स्पष्ट किया कि परिसरों में हिंसा के बजाय शिक्षा, संवाद और स्वस्थ वैचारिक बहस को बढ़ावा दिया जाना चाहिए, ताकि विद्यार्थियों को सुरक्षित और सकारात्मक वातावरण मिल सके।
सोलन में विद्यार्थी परिषद कार्यकर्ता से मारपीट का आरोप, एबीवीपी ने निष्पक्ष जांच मांगी