सोलन। भारतीय जनता पार्टी के सोलन शहरी मंडल अध्यक्ष शैलेंद्र ने प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धनीराम शांडिल के गृह विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों की धीमी रफ्तार और बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सोलन में सड़कें खस्ताहाल हैं, पेयजल संकट गहराता जा रहा है और सरकारी अस्पताल में मरीजों को बुनियादी सुविधाएं तक नहीं मिल पा रही हैं।
शैलेंद्र ने कहा कि डॉ. धनीराम शांडिल के तीसरी बार विधायक बनने के बाद क्षेत्र की स्थिति लगातार बिगड़ रही है। शामती बाईपास, सोलन बाजार, राजगढ़ रोड सहित आसपास की कई प्रमुख सड़कों की हालत दयनीय बनी हुई है। वहीं, पेयजल संकट के कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य मंत्री के अपने गृह क्षेत्र के क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में ब्लड प्रेशर, शुगर और पेंटाप्रोजोल जैसी आवश्यक दवाइयां कई महीनों से उपलब्ध नहीं हैं। इससे मरीजों को बाजार से महंगी दवाइयां खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
शैलेंद्र ने दावा किया कि कोविड काल में केंद्र सरकार द्वारा करीब पांच करोड़ रुपये की लागत से स्थापित ऑक्सीजन प्लांट पिछले छह महीनों से बंद पड़ा है। प्लांट ठीक होने के बावजूद अस्पताल प्रशासन बाहर से ऑक्सीजन खरीद रहा है। उन्होंने आशंका जताई कि जल्द संचालन शुरू नहीं हुआ तो करोड़ों रुपये का यह प्लांट कबाड़ बन सकता है।
भाजपा नेता ने कहा कि केंद्र सरकार ने हाल ही में प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 415 करोड़ रुपये और 320 नई पीजी सीटों की स्वीकृति दी है। इसके बावजूद प्रदेश सरकार उपलब्ध संसाधनों का समुचित उपयोग नहीं कर पा रही है। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री से सोलन की स्वास्थ्य सुविधाओं, सड़कों और पेयजल व्यवस्था में तत्काल सुधार करने की मांग की।