सोलन। स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) हिमाचल प्रदेश के राज्य अध्यक्ष अनिल ठाकुर ने सरदार पटेल विश्वविद्यालय मंडी में एसएफआई के पदाधिकारियों पर हुए कथित हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है। सोलन में आयोजित एसएफआई के दो दिवसीय जिला सम्मेलन के समापन पर आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने संगठन की गतिविधियों, छात्र समस्याओं और आगामी राज्य सम्मेलन को लेकर जानकारी साझा की।
अनिल ठाकुर ने आरोप लगाया कि सरदार पटेल विश्वविद्यालय मंडी के प्रशासनिक ब्लॉक में छात्र मुद्दों को लेकर प्रशासन से मिलने जा रहे एसएफआई के राज्य सचिव कॉमरेड सनी एकता और राज्य कमेटी सदस्य ऋतिक पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ताओं ने हमला किया। उन्होंने घटना की निंदा करते हुए कहा कि इस तरह की घटनाओं से विश्वविद्यालयों का शैक्षणिक माहौल प्रभावित होता है। उन्होंने छात्र संगठनों के बीच वैचारिक मतभेदों को लोकतांत्रिक तरीके से सुलझाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
उन्होंने बताया कि सोलन में आयोजित दो दिवसीय जिला सम्मेलन में छात्र समस्याओं, शिक्षा व्यवस्था और संगठन को मजबूत बनाने से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई। सम्मेलन के दौरान नई जिला कार्यकारिणी के गठन की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई गई। उन्होंने कहा कि एसएफआई प्रदेशभर में विद्यार्थियों की मांगों को लेकर लगातार संघर्ष कर रही है।
अनिल ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला में फीस वृद्धि के खिलाफ चलाए गए आंदोलन का उल्लेख करते हुए कहा कि एसएफआई ने पांच महीने तक संघर्ष किया। उनके अनुसार, आंदोलन के बाद सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन को बढ़ी हुई फीस वापस लेने का निर्णय करना पड़ा। उन्होंने इसे छात्र एकजुटता की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
एसएफआई राज्य अध्यक्ष ने घोषणा की कि संगठन का हिमाचल प्रदेश राज्य सम्मेलन 20 से 22 नवंबर तक आयोजित किया जाएगा। इसमें प्रदेश के विभिन्न जिलों के प्रतिनिधि भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि सम्मेलन में शिक्षा को समतामूलक और समावेशी बनाने, विद्यार्थियों के अधिकारों की रक्षा करने तथा छात्र समस्याओं के समाधान के लिए आगामी रणनीति तैयार की जाएगी।