सोलन। युवाओं को नशे की प्रवृत्ति से दूर रखने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए खेल गतिविधियों से जोड़ना जरूरी है। खेल न केवल शारीरिक फिटनेस को बेहतर बनाते हैं, बल्कि युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास, टीम भावना और सकारात्मक सोच भी विकसित करते हैं। कबड्डी कोच राज पेष्टा ने युवाओं को खेलों में सक्रिय भागीदारी करने के लिए प्रेरित करते हुए यह बात कही।
राज पेष्टा ने कहा कि यदि युवा खेल गतिविधियों में नियमित रूप से हिस्सा लेंगे, तो वे अपना समय सकारात्मक कार्यों में लगाएंगे। इससे उन्हें नशे जैसी बुरी आदतों से दूर रहने में मदद मिलेगी। खेलों के प्रति रुचि विकसित होने से युवा अपनी फिटनेस, खानपान और दिनचर्या को लेकर भी अधिक जागरूक बनेंगे। उन्होंने अभिभावकों और समाज से भी अपील की कि वे बच्चों को बचपन से ही खेलों के प्रति प्रोत्साहित करें।
कबड्डी के क्षेत्र में हिमाचल प्रदेश की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश भले ही क्षेत्रफल और जनसंख्या के लिहाज से छोटा हो, लेकिन यहां के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। हाल ही में हिमाचल की बेटियों ने स्वर्ण पदक जीतकर प्रदेश और देश का नाम रोशन किया है। भारतीय कबड्डी टीम में हिमाचल प्रदेश की चार बेटियां शामिल थीं और टीम की कप्तानी पुष्पा राणा ने की थी।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की बेटियों की यह उपलब्धि अन्य युवाओं के लिए भी प्रेरणादायक है। इससे साबित होता है कि मेहनत, लगन और निरंतर अभ्यास के दम पर खिलाड़ी बड़े मुकाम हासिल कर सकते हैं।
राज पेष्टा ने खेल प्रतियोगिताओं और प्रशिक्षण शिविरों के नियमित आयोजन पर जोर देते हुए कहा कि युवाओं को अपनी ऊर्जा खेलों में लगानी चाहिए। खेलों को बढ़ावा देकर नशे के खिलाफ प्रभावी वातावरण तैयार किया जा सकता है और एक स्वस्थ, जागरूक तथा जिम्मेदार युवा पीढ़ी का निर्माण किया जा सकता है। BITE – Raj Pezta कोच कबड्डी